
नई दिल्ली। एंटी सैटेलाइट (A-SAT) के परीक्षण के दौरान उत्पन्न हुआ ज्यादातर कचरा नष्ट हो चुका है। इस बारे में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के प्रमुख सतीश रेड्डी ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि बचा हुआ कूड़ा भी जल्द ही नष्ट हो जाएगा।
लगातार स्पेस की स्थिति पर निगरानी रख रहा है DRDO
सतीश रेड्डी ने बताया कि DRDO लगातार स्पेस की स्थिति पर निगरानी रखा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस बात का अंदाजा लगाना मुश्किल है कि बचा हुआ कचरा कितने दिनों में नष्ट होगा। बता दें कि रेड्डी शुक्रवार को रक्षा अध्ययन और विश्लेषण संस्थान (IDSA) में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए प्रौद्योगिकी विषय पर बोल रहे थे, तभी उन्होंने इस बारे में जानकारी दी।
भारत ने 27 मार्च को अंतरिक्ष में गिराया था A-SAT मिसाइल
इससे पहले 6 अप्रैल को A-SAT मिसाइल परीक्षण करने के बाद रेड्डी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि पूरा कचरा 45 दिनों में नष्ट हो जाना चाहिए। गौरतलब है कि भारत ने 27 मार्च को अंतरिक्ष में ए-सैट मिसाइल से अपने एक उपग्रह को मार गिराया था। इसी के साथ भारत ऐसा करने वाला चौथा देश बन गया था। भारत से पहले अमरीका, रूस और चीन ऐसा कर चुके हैं।
nasa ने उठाया था सवाल
इस परीक्षण के बाद, NASA के प्रशासक जिम ब्राइडेंस्टीन ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) को कचरों से संभावित खतरे का मुद्दा उठाया था। ब्राइडेंस्टीन ने कहा था कि A-SAT परीक्षण ने कक्षा में घूम रहे कचरे के 69 टुकड़े पैदा कर दिए हैं जो ISS के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। इसके जवाब में रेड्डी ने कहा था कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार सॉफ्टवेयर पर आधारित जोखिम विश्लेषण तंत्र के अनुसार भी इससे आईएसएस को कोई खतरा नहीं है।
Published on:
11 May 2019 05:51 pm
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