मणिपुर में अलसुबह भूकंप के झटकों से हिली धरती, नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप के झटके उखरूल के ईएसई से 57 किलोमीटर दूर महसूस किए गए
नई दिल्ली। पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर ( Manipur ) के उखरूल में शुक्रवार अलसुबह भूकंप ( Earthquake ) के झटके महसूस किए गए। मिली जानकारी के मुताबिक सुबह 5 बजकर 56 मिनट पर उखरूल में भूंकप के झटकों से धरती थर्राई। इस दौरान रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.5 मापी गई है।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप के झटके उखरूल के ईएसई से 57 किलोमीटर दूर महसूस किए गए। बता दें कि दो दिन पहले ही असम के गोलपारा में 5.2 तीव्रता का भूकंप आया था। एनसीएस के मुताबिक ये क्षेत्र भूकंपीय रूप से काफी सक्रिय है। अब तक जान-माल के किसी प्रकार का नुकसान होने की कोई जानकारी नहीं मिली है।
मणिपुर के उखरूल में शुक्रवार सुबह-सुबह भूकंप के झटकों से हड़कंप मच गया। अलसुबह आए इन झटकों से जहां कुछ लोग नींद से जाग गए वहीं कुछ लोग तुरंत घरों से बाहर निकल आए।
सुबह 5:56 बजे भूकंप आया, जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 4.5 दर्ज की गई है। इस बात की जानकारी नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने दी है।
उत्तरपूर्वी भारत भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र में आता है। यहां भूकंप के झटके बार-बार महसूस किए जाते हैं।
पहले भी आए भूकंप के झटके
पिछले महीने यानी 20 जून को भी उखरूल जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इस दौरान रिक्टर स्कैल पर 3.6 तीव्रता मापी गई थी।
एनसीएस ने जानकारी दी थी कि यह भूकंप शिरुई से 20 किमी दूर उत्तर-पश्चिमी हिस्से में आया था। इस भूकंप के झटकों से पहले मई के महीने में भी धरती कांपी थी। 23 मई को भी उखरूल जिले में सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
उस दौरान रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 दर्ज की गई थी। इतनी ही तीव्रता का एक भूकंप 15 मई को भी आया था।
दिल्ली-NCR के कई इलाकों में भी इसी हफ्ते सोमवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। यहां रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता का 3.7 दर्ज की गई थी। वहीं बुधवार को असम में सुबह 5.2 की तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके पड़ोसी राज्य मेघालय और पश्चिम बंगाल में भी महसूस किए गए। यही नहीं इसका असर पड़ोसी देश बांग्लादेश तक में दिखाई दिया।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक भूकंप सुबह आठ बजकर 45 मिनट पर आया, जिसका केंद्र लोअर असम के गोलपाड़ा में 14 किमी की गहराई पर था।