
श्रीनगर। पूरे देश में ईद-अल-अजहा का त्योहार हर्ष के साथ मनाया गया। लेकिन इस बार जम्मू-कश्मीर की फिजा में ईद का त्योहार बहुत ही खास रहा। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद वहां पहली ईद मनाई गई। ईद से पहले धारा 370 हटाने का विरोध करने वाले तर्क दे रहे थे कि घाटी में लोग तनाव में हैं और डर के मारे ईद नहीं मना पाएंगे।
हालांकि अब जम्मू-कश्मीर के प्रमुख सचिव (योजना आयोग) रोहित कंसल ने बताया है कि जिला और मंडल प्रशासन ने बकरीद के मौके पर कई आयोजन किए, जहां पर मुस्लिम भाईयों ने हर्ष के साथ ईद मनाई।
उन्होंने कहा कि घाटी के कई मस्जिदों के मौलवी और लोगों के साथ बातचीत की गई, मंडियों का आयोजन किया गया, जिसका परिणाम यह रहा कि हमने शांतिपूर्ण और सुकून भरी गतिविधि के साथ ईद का त्योहार मनाया।
एक भी गोलीबारी की घटना नहीं आई सामने
जम्मू-कश्मीर के प्रमुख सचिव रोहित कंसल ने कहा कि इस बार यह आशंका जाहिर की जा रही थी ईद में शरारती तत्व कुछ अनहोनी कर सकते हैं, लेकिन एक भी ऐसी घटना सामने नहीं आई।
उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों की ओर से गोलीबारी की है और मौत की खबर है। लेकिन इस संबंध में पुलिस ने एक विस्तृत ब्रीफिंग की है और मैं इस बात को दोहराना और श्रेणीबद्ध करना चाहूंगा कि फायरिंग की कोई भी घटना जम्मू-कश्मीर में नहीं हुई हो।
रोहित कंसल ने कहा 'मैं दोहराता हूं कि सुरक्षा एजेंसियों की ओर से एक भी गोली नहीं चलाई गई है और न ही कोई हताहत हुआ है।’
बता दें कि कश्मीर के महानिरीक्षक ( IG ) एसपी पाणि ने बताया कि कानून-व्यवस्था की कुछ छीटपूट स्थानीय घटनाएं थीं, जिन्हें बहुत ही पेशेवर तरीके से नियंत्रित किया गया था। इन घटनाओं में कुछ के घायल होने की सूचना है। बाकीथा पूरी घाटी में स्थिति सामान्य है। लोगों ने खुशी के साथ ईद का त्योहार मनाया है।
Updated on:
13 Aug 2019 07:39 am
Published on:
12 Aug 2019 09:55 pm
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