
security forces Assam
गुवाहटी। नॉर्थ-ईस्ट राज्य असम में पुलिस और उल्फा उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ की खबर है। इस मुठभेड़ में 2 उग्रवादियों के मारे जाने की खबर है। साथ इस एनकाउंटर में एक इन्सपेक्टर के भी शहीद होने की खबर है। आपको बता दें कि 6 मई को गृहमंत्री राजनाथ सिंह का असम दौरा होना है। इस दौरे से ठीक एक दिन पहले असम के तिनसुकिया जिले में उल्फा (एस) उग्रवादियों और पुलिस के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई।
2 उल्फा उग्रवादियों की मौत, एक इंस्पेक्टर शहीद
ये मुठभेड़ शुक्रवार की रात को शुरू हुई। इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने उल्फा के दो नेताओं को मार गिराया, जबकि बोर्डूम्सा पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी भास्कर कलिता मुठभेड़ में मारे गये। एनकाउंटर के बारे में असम पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने जानकारी दी। उन्होंने ही इंस्पेक्टर भास्कर कलिता के शहीद होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अरुणाचल प्रदेश से सटे अंतरराज्यीय सीमा के पास शुक्रवार की रात उल्फा (एस) के साथ मुठभेड़ में भास्कर कलिता शहीद हो गए। वहीं कई जवानों के घायल होने की भी खबर है।
तिनसुकिया से 80 किलोमीटर दूर हुआ एनकाउंटर
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (विशेष शाखा) पल्लव भट्टाचार्य ने बताया कि बोर्डूम्सा के पास एक घर में उल्फा (एस) के उग्रवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद भास्कर कलिता के नेतृत्त्व में असम पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन ने इलाके में छानबीन की। बोर्डूम्सा का इलाका तिनसुकिया से 80 किलोमीटर की दूरी पर है।
भारी मात्रा में बरामद हुए हथियार
जानकारी के मुताबिक पुलिस को इनपुट मिला था कि उल्फा (एस) के उग्रवादियों का समूह भारी मात्रा में हथियारों के साथ कंजू पथार गांव में मौजूद है। इसके बाद बोर्डूम्सा पुलिस स्टेशन के ओसी भास्कर कलिता की अगुवाई में असम पुलिस का एक समूह तिनसुकिया जिले के गांव में पहुंचा। यहां उग्रवादियों और पुलिस के बीच जमकर फायरिंग हुई, तो 2 ग्रेनेड ब्लास्ट भी हुए हैं। पुलिस ने 2 उल्फा महिला काडर को भी अरेस्ट किया है। साथ ही घटनास्थल से बड़ी मात्रा में हथियार भी बरामद हुए हैं। इनमें एके-47, एक्स-95 मैगजीन और आईईडी शामिल हैं।
हाल ही में नॉर्थ ईस्ट के राज्यों से हटा था AFSPA
आपको बता दें कि हाल ही में नॉर्थ ईस्ट के कई राज्यों में अफ्स्पा एक्ट को लेकर ढिलाई बरती गई है। केंद्र सरकार ने मेघालय से अफ्स्पा एक्ट को पूरी तरह से हटा दिया है। इसके अलावा असम के भी कुछ इलाको से इस कानून को हटा दिया था। वहीं अरुणाचल प्रदेश में ये केवल आठ थाना क्षेत्रों में ही लागू रहेगा।
Published on:
05 May 2018 12:22 pm
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