बता दें कि पटपड़गंज के एक हनुमान मंदिर के पुजारी भारती बाबा ने इस पक्षी को सबसे पहले देखा था। यह पक्षी किसी तरह से घायल हो गया था। जिसके बाद इस घायल पक्षी को बचान के लिए पुजारी ने ही मदद की गुहार लगाई। दरअसल पुजारी ने सबसे पहले स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। जिसके बाद पुलिस ने वाइल्डलाइफ एसओएस एनजीओ से संपर्क साधा। तब जाकर इस सफेद गिद्ध की जान बच सकी। हालांकि, यहां गौर करने वाली बात ये भी है कि जिसे इस एनजीओ ने इसी साल एक और सफेद गिद्ध की जान बचाई है।