इस्लामाबाद।
पाकिस्तान के
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए)
सरताज अजीज को हटाया रहा है। अब
उनकी जगह
लेफ्टिनेंट जनरल नसीर खान जुंजुआ को दी जाएगी। हालांकि इसकी घोषणा
प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की अमरीका यात्रा से लौटने के बाद की जाएगी। उधर,
पाकिस्तानी मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक सरताज अजीज को भारत के प्रति नरम रूख
अपनाने का खामियाजा भुगतना पड़ा है।
भारत विरोधी मिलिट्री ऑपरेशन अज्म ए नऊ से
जुड़े थे नसीरआपको बता दें कि नसीर मूलत: राजपूत
फैमिली से हैं। उन्होंने बाद में इस्लाम कबूल कर लिया था। नसीर 2008 के मुंबई हमलों
के बाद जंग का खतरा देखकर शुरू किए गए भारत विरोधी मिलिट्री ऑपरेशन अज्म ए नऊ से
जुड़े थे। वहीं प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ सेनाध्यक्ष जनरल राहील शरीफ की पिछले
सप्ताह बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पद पर जनरल नसीर को नियुक्त करने का
फैसला किया गया। मेजर जनरल महमूद दुर्रानी के बाद जनरल जंजुआ दूसरे सैनिक अधिकारी
होंगे, जिन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनाया जा रहा है । जनरल जंजुआ पहले
क्वेटा में सेना की दक्षिणी कमान के प्रमुख के पद पर थे।
अजीज के काम से खुश नहीं थी सेनाः सूत्रपाकिस्तानी मामलों
के जानकारों का कहना है कि सेना सरताज अजीज के काम से खुश नहीं थी। इसके पीछे भारत
के प्रति सरताज के नरम रूख को माना जा रहा है। ऎसे में पिछले हफ्ते सेना की दक्षिणी
कमान के प्रमुख पद से रिटायर हुए लेफ्टिनेंट नसीर की एनएसए बनाने के लिए नवाज शरीफ
पर दवाब डाला गया।
वहीं यह भी कहा जा रहा है कि भारत के एनएसए अजीत डोभाल
के आगे उनकी छवी कमजोर पड़ रही थी। ऎसे में नसीर के रूप में पाकिस्तान ने डोभाल को
टक्कर दी है। सूत्रों ने बताया कि अजीज के पास फिलहाल दो पदभार हैं। वह एनएसए के
अलावा विदेश मामलों के सलाहकार हैं। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की भूमिका से
राहत दी जा रही है, ताकि वह विदेश मंत्रालय पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें