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वाजपेयी की पसंद-नापसंद में भी एक अलग नफासत थी, फैज के मुरीद थे तो पसंदीदा अभिनेता दिलीप कुमार

वाजपेयी के साहित्यिक प्रेरणा के स्रोत कौन-कौन थे और वह साहित्‍य, फिल्‍म और संगीत के क्षेत्र में क्‍या-क्‍या और किसे पसंद करते थे, यह जानना भी दिलचस्‍प है।
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नई दिल्ली

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Mazkoor Alam

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Updated: 17 Aug 2018, 5:42 PM IST

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वाजपेयी की पसंद-नापसंद में भी एक अलग नफासत थी, फैज के मुरीद थे तो पसंदीदा अभिनेता दिलीप कुमार

नई दिल्‍ली : कारगिल युद्ध में पाकिस्‍तान को मुंहतोड़ जवाब देने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का रौद्र रूप तो आपको याद ही होगा, लेकिन उनकी साहित्यिक अभिरुचि और कविताई मन से भी शायद ही कोई होगा, जो परिचित न हो। सिर्फ उनकी इस थाती पर एक महाग्रंथ भी लिखा जाए तब भी वह कम ही होगा। उनकी साहित्यिक अभिरूचि की बानगी उनके भाषणों में भी दिखती है। चाहे वह रौद्र रूप में हों, लेकिन साहित्यिक सौम्‍यता हमेशा उनके भाषणों में नजर आती रही। लेकिन उनके साहित्यिक प्रेरणा के स्रोत कौन-कौन थे और वह साहित्‍य, फिल्‍म और संगीत के क्षेत्र में क्‍या-क्‍या और किसे पसंद करते थे, यह जानना भी दिलचस्‍प है। जानकर हैरानी होगी कि कारगिल युद्ध में पाक को धूल चटा देने वाले वाजपेयी पाकिस्‍तानी इंकलाबी शायर फैज अहमद फैज के मुरीदों में शामिल थे।

साहित्‍य के साथ-साथ संगीत प्रेमी भी थे
बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी सिर्फ साहित्‍य प्रेमी ही नहीं थे। वह खुद भी कवि थे और देश-दुनिया के तमाम कवि, लेखकों और शायरों को वह बाकायदा पढ़ा करते थे। उनकी पसंदीदा शायरों में पाकिस्‍तान के मायनाज शायर फैज अहमद फैज भी शामिल थे। इसके अलावा उन्‍हें सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, बाल कृष्ण शर्मा नवीन और जगन्ना प्रसाद मिलिंद उनके पसंदीदा रचनाकारों में शामिल थे। साहित्यिक अभिरुचि के साथ-साथ वह कला-संगीत के भी मर्मज्ञ थे। वह भारतीय शास्‍त्रीय संगीत को बड़े चाव से सुना करते थे। उनके पसंदीदा गायक पंडित भीमसेन जोशी थे तो अमजद अली खान का सरोद वादन और हरि प्रसाद चौरसिया के बांसुरी वादन के भी मुरीद थे।

दिलीप कुमार थे पसंदीदा अभिनेता
यह अटल बिहारी वाजपेयी की साहित्यिक अभिरुचि ही थी कि उनकी सर्वकालिक पसंदीदा फिल्‍मों की सूची में वही सिनेमा शामिल हैं, जो किसी न किसी क्‍लासिक कृति पर बनी हैं। उनकी पसंदीदा फिल्‍मों की लिस्‍ट में दिलीप कुमार, वैजयंती माला और सुचित्रा सेन अभिनीत और विमल रॉय निर्देशित 'देवदास' सबसे ऊपर है। यह फिल्‍म शरत चंद्र चटर्जी की इसी नाम से लिखी उपन्‍यास पर आधारित है। विमल रॉय की एक और फिल्‍म 'बंदिनी' भी उन्‍हें काफी पसंद थी, जिसमें अशोक कुमार और नूतन मुख्‍य भूमिका में थे। यह फिल्‍म भी क्‍लासिक बांग्‍ला उपन्‍यास 'तामसी' पर आधारित है। इस उपन्‍यास के लेखक चारूचंद्र चक्रबर्ती हैं। इसके अलावा फणीश्‍वर नाथ रेणु के उपन्‍यास 'तीसरी कसम उर्फ मारे गए गुलफाम' पर बनी फिल्‍म तीसरी कसम भी उनकी पसंदीदा फिल्‍मों में शामिल है। इस फिल्‍म का निर्देशन वासु भट्टाचार्य ने किया था और राज कपूर-वहीदा रहमान मुख्‍य भूमिका में थे। इसके अलावा बतौर अभिनेता वह दिलीप कुमार के प्रशंसकों में शामिल थे।