21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जवान बेटे की मौत पर पिता ने बजवायां बैंड, फोड़े पटाखे, देखकर गांववालों के उड़े होश

इस अंतिम यात्रा में बैंड वालों ने रघुपति राघव राजा राम भजन भी बजाएं।

2 min read
Google source verification

image

Arijita Sen

Mar 07, 2018

Band baja

नई दिल्ली। हाल ही में 39 वर्षीय भरत परमार नामक व्यक्ति की हार्ट अटैक से मौत हो गई और उसकी मौत पर उसके पिता ने बैंड बजवाएं और तो और पटाखे भी फोड़े गए। हैरान करने वाली बात तो ये है कि ये किसी रीति-रिवाज के अन्र्तगत नहीं की गई है।

आखिर ऐसी क्या वजह थी कि जवान बेटे की मौत पर पिता को ऐसा करना पड़ा। तो इस पर पिता गोरधन परमार का कहना था कि उनके बेटे ने परिवार के लिए बहुत कुछ किया।

अपने परिवार के खातिर उसने खुद को कुर्बान कर दिया और इसलिए उसके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए हमने उसकी अंमित यात्रा को बैंडबाजे के साथ निकाला।

बता दें कि करोडिय़ा गांव के रहने वाले भरत परमार की 3 मार्च को दिल का दौरा पडऩे के कारण मौत हो गई।बेटे के मौत के बाद पिता गोरधन ने बेटे के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए आतिशबाजियों और बैंड बाजे सहित शव यात्रा निकाला। इस अंतिम यात्रा में बैंड वालों ने रघुपति राघव राजा राम भजन भी बजाएं।

अंतिम यात्रा का ये कार्यक्रम करीब 40 मिनट तक चला। जवान बेटे के आकस्मिक मौत पर पिता गोरधन ने कहा कि भरत ने बहुत पैसा और नाम कमाया। अपने परिवार को समृद्ध बनाने के लिए उसने एक-एक दिन 10-11 ऑर्डर पूरा करता था। अब बारी थी कि हम भी उसके लिए कुछ करें।

उसे श्रेय देने के लिए हमने इस तरह के अंतिम यात्रा का चलन किया हालांकि भरत की पत्नी और बेटियों के हामी भरने के बाद ही ऐसा कुछ किया गया।

पिता गोरधन ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। पिता गोरधन आगे कहते हैं कि मुझे हमेशा से ही कुछ अलग करने की चाह रही है। वो आगे कहते हैं कि हमारे समय में संपन्न परिवार के लोग शादी के दौरान घोड़े पर सवार होकर जाते थे लेकिन मैनें ऊंट पर बैठ बारात निकाली थी और उस वक्त मैं एकलौता ऐसा था जिसने कि ऐसा किया था। इस बार भी मैनें ऐसा कर एक नए चलन की शुरूआत की है।


बड़ी खबरें

View All

विविध भारत

ट्रेंडिंग