Utility: निवेश में ज्यादा ब्याज कमाने का बढ़िया विकल्प बना FD, जानें कौन सा बैंक दे रहा अधिक मुनाफा?

  • निवेशकों के बीच ज्यादा ब्याज बनाने का बढ़िया विकल्प बना FD
  • आम जनता से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक को मिल रही ये ब्याज दरें

नई दिल्ली। कम और सुरक्षित निवेश में ज्यादा बचत हमेशा से लोगों का सपना रहा है। लेकिन जब—जब बात टैक्स-सेविंग इंवेस्टमेंट की बात आती है, तो फिक्स्ड डिपॉजिट ब्याज दरों में कटौती के बावजूद ग्राहकों द्वारा पसंदीदा विकल्प बना रहता है। कर-बचत जमा, आयकर (आईटी) अधिनियम, 1961 की धारा 80 सी के तहत कर कटौती प्राप्त करने का एक अच्छा तरीका है। इसको कर-बचत सावधि जमा (FD) के रूप में भी जाना जाता है। यह एक विशेष प्रकार की सावधि जमा है। क्योंकि यह पांच वर्ष की न्यूनतम मैच्योरिटी अवधि और अधिकतम 10 वर्ष की अनुमति देता है। पांच साल की लॉक-इन अवधि पूरी होने से पहले इस प्रकार के एफडी खाते में समय से पहले धन निकालने की अनुमति नहीं है।

कम जोखिम और ज्यादा सुरक्षा

कर-बचत सावधि जमा योजनाएं भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसी बैंक, एचडीएफसी बैंक, पंजाब नेशनल बैंक सहित लगभग सभी शीर्ष बैंकों द्वारा दी जाती हैं। ब्याज दर बैंक से बैंक पर निर्भर करती हैं। वर्तमान में
ब्याज दर आम जनता के लिए 5.25 प्रतिशत से 5.50 प्रतिशत के बीच और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6.00 प्रतिशत से 6.30 प्रतिशत तक दी जा रही हैं। निवेशक ज्यादातर फिक्स्ड डिपॉजिट पर भरोसा करते हैं क्योंकि वे बैंक-आधारित निवेश हैं। इसके साथ ही इसमें कम जोखिम और सुरक्षा का भाव भी ज्यादा है।

1.5 लाख तक की कटौती का प्रावधान

वर्तमान में, I-T अधिनियम की धारा 80C में शामिल कुछ शर्तों के तहत एक वित्तीय वर्ष में कर योग्य व्यक्तिगत आय में 1.5 लाख तक की कटौती का प्रावधान है। दूसरे शब्दों में कहें तो जमाकर्ता कर-बचत जमाओं में निवेश करके 1.5 लाख तक की कटौती का दावा कर सकते हैं। यही नहीं आयकर विभाग अतिरिक्त जीवन बीमा, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS), भविष्य निधि (EPF and PPF), राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) में निवेश पर अधिक भुगतान को वापस भी करता है।

क्या है फिक्स्ड डिपॉजिट?

दरअसल, फिक्स्ड डिपॉजिट एक ऐसा वित्तीय साधन है, जो बैंकों या गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) द्वारा प्रदान किया जाता है। यह निवेशकों को नियमित बचत खाते के मुकाबले अधिक ब्याज दर उपलब्ध कराता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें जोखिम बिल्कुल भी नहीं होता। इसमें आप एक बार में पैसा जमा करते हैं और बैंक उस पर ब्याज देता है। एफडी को 1 हफ्ते से लेकर 10 साल तक के लिए किया जा सकता है।

बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं आने वाले 15 दिन, Experts ने बताया बचाव का तरीका

यहां 2 करोड़ तक की आयकर बचत FD पर प्रमुख बैंकों द्वारा दी जाने वाली ब्याज दरों की तुलना है—

बैंक आम जनता ( ब्याज दर ) वरिष्ठ नागरिक ( ब्याज दर )
भारतीय स्टेट बैंक 5.40% 6.20%
पंजाब नेशनल बैंक 5.25% 6.00%
एचडीएफसी बैंक 5.50% 6.25%
आईसीआईसीआई बैंक 5.50% 6.30%

PM मोदी बोले- भारत ने कम कार्बन और जलवायु-अनुकूल विकास परंपराओं को अपनाया

फिक्स्ड डिपॉजिट की विशेषताएं

1. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें आपके डिपॉजिट पर रिटर्न सुनिश्चित है। इसके साथ ही यह बाजार में उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होता

2. बैंकों द्वारा दी जाने वाली ब्याज दरों से NBFC की ब्याज दरें कहीं अधिक होती हैं

3. FD फिक्स्ड डिपॉजिट का सरलता के साथ ही आसानी से नवीकरण किया जा सकता है।

4. FD पर आने वाले ब्याज़ पर टैक्स मूल राशि के आधार पर ही काटा जाता है।

5. कुछ फाइनेंसर वरिष्ठ नागरिकों को FD पर अधिक ब्याज़ दरें भी देते हैं

Mohit sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned