
बिहार में चमकी बुखार पर प्रदर्शन करना बना अपराध, पुलिस ने 39 लोगों पर दर्ज की FIR
नई दिल्ली।बिहार ( Bihar )में चमकी बुखार ( chamki bukhar ) यनी एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम का ( Acute Encephalitis Syndrome ) कहर जारी है। चमकी बुखार से अब तक 160 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। वहीं, अब बिहार में चमकी बुखार और पानी की कमी के खिलाफ प्रदर्शन करना लोगों के लिए भारी पड़ गया है। पुलिस ने वैशाली ( Vaishali ) के हरिवंशपुर में विरोध करने वाले 39 लोगों के खिलाफ एफाआईआर ( FIR ) दर्ज की है।
पुलिस की कार्रवाई से गांव में दहशत का माहौल है। जिन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है वे गांव छोड़कर भाग गए हैं। आलम ये हैं कि गांव में अब बस महिलाओं ही बची हैं। महिलाओं का कहना है कि FIR दर्ज होने की वजह से घर के पुरुष सदस्य गांव छोड़ कर भाग रहे हैं। घर में खाने के लाले पड़ गए हैं।
बता दें कि वैशाली के हरिवंशपुर में चमकी से 11 बच्चों की मौत हो गई है। बीती रविवार को बच्चों के परिजनों से मिलने लोजपा सांसद पशुपति कुमार पारस और पार्टी विधायक राजकुमार शाह पहुंचे। लेकिन बच्चों की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने सांसद ( MP ) और विधायक का भारी विरोध किया। लोगों के अंदर इतना गुस्सा था की वह उन्हें अपने घर में आने भी नहीं दे रहे थे। सांसद और विधायक पर लोगों का गुस्सा इस कदर फूटा कि लोगों ने दोनों को कुछ देर तक उन्हें बंधक बना लिया।
पासवन की गुमशुदगी के लगे थे पोस्टर
आपको बता दें कि वैशाली का हरिवंशपुर गांव राम विलास पासवान की राजनीति का क्षेत्र रहा है। लेकिन अब पासवान यहां से सांसद नहीं हैं। यहां चकमी का हर तो जारी ही है। वहीं इस इलाके में कुछ दिनों से पानी की भारी कमी है। यहां रहने वाले लोग कई दिनों से पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। लेकिन पासवान यहां एक बार भी नहीं आए। 22 जून को यहां के लोगों ने रामविलास पासवान की गुमशुदगी के पोस्टर भी लगाए थे। इन लोगों ने पोस्टर में लिखा था 'पानी से हाहाकार, हमारा सांसद फरार। वहीं पोस्ट में रामविलास पासवान का पता बताने वाले को 15 हजार का इनाम दिए जाने की भी बात लिखी गई था।
Updated on:
25 Jun 2019 09:44 pm
Published on:
25 Jun 2019 09:38 pm
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