स्वदेशी हथियारों के लिए अलग बजट का प्रावधान कुछ हथियारों के आयात पर लगाई जाएगी रोक ऑर्डिनेंस फैक्टरी (Ordnance Factory) का होगा निगमीकरण
देश की आर्थिक हालत को पटरी पर लाने के लिए केंद्र सरकार ने आर्थिक पैकेज (Economic Package) का ऐलान किया है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में नियमों को बदलकर राहत देने और पटरी पर लाने का प्रयास किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन पिछले दो दिनों से इस पैकेज के बारे में विस्तार से समझा रही हैं। आज तीसरे दिन उन्होंने कई क्षेत्रों के लिए राहत की घोषणाएं की हैं। विशेष तौर पर उन्होंने रक्षा उत्पादन के क्षेत्र आत्मनिर्भरता बढ़ाने की बात कही है।
हथियारों का उत्पादन बढ़ाने की योजना
अपने संबोधन में निर्मला सीतारमन ने रक्षा क्षेत्र में 'मेक इन इंडिया' पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि- हमारी सेनाओं को अत्याधुनिक हथियार और उपकरणों की जरूरत होती है। हम ऐसे हथियारों और उपकरणों को चिह्नित करेंगे, जिन्हें देश में ही बनाया जा सकता है। हमें रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होना है। इसलिए रक्षा क्षेत्र में हथियारों का उत्पादन देश में बढ़ाने की योजना है। हथियार देश में बनेंगे, तो इससे भारत का रक्षा क्षेत्र के आयात बिल भी कम होगा। उन्होंने कहा कि- जिन हथियारों का उत्पादन देश में ही किया जाना है, उनकी सूची को हर साल अपडेट किया जाएगा।
स्वदेशी हथियारों के लिए अलग बजट
वित्त मंत्री ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की बात करते हुए कहा कि- स्वदेशी हथियारों के उत्पादन के लिए अलग से बजट का प्रावधान किया जएगा। हथियार अगर देश में ही बनेंगे, तो इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि- जिन हथियारों का निर्माण भारत में आवश्यक मानकों पर हो सकता है, उन अस्त्रों ,प्लेटफॉर्मों के आयात पर रोक लगा दी जाएगी। प्रतिबंध की गई चीजों की सूची को हर साल बढ़ाया जाएगा।
FDI की सीमा बढ़ाई
वित्त मंत्री ने कहा कि- रक्षा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा को भी बढ़ा दिया गया है। अब इस सेक्टर में विदेशी निवेश की सीमा 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 फीसदी कर दी गई है। हथियारों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम की जाएगी। हथियार देश में ही बनेंगे, तो आयात का बिल भी कम होगा।
ऑर्डिनेंस फैक्टरी बोर्ड का होगा निगमीकरण
वित्त मंत्री ने अपने संबोधिन में ऑर्डिनेंस फैक्टरी के निगमीकरण का बड़ा ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि- इस फैक्टरी का निजीकरण नहीं, बल्कि निगमीकरण किया जाएगा। हम रक्षा क्षेत्र में दुनिया के दूसरे देशों पर निर्भरता कम करना चाहते हैं, इसलिए ऑर्डिनेंस फैक्टरी का निगमीकरण आवश्यक है। यही नहीं, उत्पादन के मुताबिक ऑर्डिनेंस फैक्टरी को शेयर बाजार में लिस्टेड किया जाएगा।