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कोच करते थे महिला खिलाडिय़ों का शारीरीक शोषण: सोना चौधरी

भारतीय महिला फुटबॉल टीम की कप्तान रह चुकी सोना चौधरी ने अपनी किताब गेम इन गेमज् में कई सनसनीखेज

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Yuvraj Singh Jadon

May 11, 2016

sona chaudhary

sona chaudhary

नई दिल्ली। भारतीय महिला फुटबॉल टीम की कप्तान रह चुकी सोना चौधरी ने अपनी किताब गेम इन गेमज् में कई सनसनीखेज और चौकाने वाले खुलासे किए है। सोना चौधरी के अनुसार महिला खिलाड़ी रेप से बचने के लिए आपस में ही शारीरिक संबंध बना लेती थी। सेक्स के बाद उनका अफेयर भी शुरू हो जाता। कोच-सेक्रेटरी समेत मैनेजमेंट से जुड़े लोग लड़कियों का शोषण करते हैं।

केवल मेहनत ही काफी नहीं
सोना ने अपनी किताब गेम इन गेमज् में महिला खिलाडिय़ों के साथ होने वाले शारीरीक शोषण पर कई अहम खुलासे किए हैं। सोना का कहना है कि मेडल, ट्रॉफी, नाम और शोहरत, सबकुछ फुटबॉल के मैदान की कमाई है। घंटों की मेहनत और लगन के बाद ये लाखों में से किसी एक को नसीब होता है। लेकिन अगर बात महिला फुटबॉल की हो तो सिर्फ मैदान की मेहनत काफी नहीं है। इसके बाद भी कई कंप्रोमाइज करने पड़ सकते हैं।

कोच करते थे समझौते के लिए मजबूर

सोना के अनुसार महिला टीम के कोच और सेक्रेटरी खिलाडिय़ों को समझौता करने के लिए मजबूर करते थे। हद तब हो जाती थी कि जब विदेशी टूर पर कोच रात को सोने के लिए खुद का बैड हमारे कमरे में लगवा देते थे। यदि कोई महिला खिलाड़ी इसका विरोध करती थी तो उसे दबा दिया जाता था। राज्य की टीम हो फिर राष्ट्रीय टीम हो या भारतीय टीम, कई लड़कियों को कई स्तर पर समझौता करने के लिए मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जाता है।

लड़कियों में बनाते थे शारीरीक संबंध
सोना ने दावा किया है कि लम्बे समय तक साथ रहने से अक्सर लड़कियां एक दूसरे को पसंद करने लगती थीं। कई महिला खिलाडिय़ों की दोस्ती अफेयर में बदल जाती थी। कई महिला खिलाडिय़ों की दोस्ती शारीरिक संबंध तक में बदल जाती थी।

कौन हैं सोना चौधरी
मूलत: हरियाणा की रहने वाली सोना चौधरी 1994 में करियर शुरू करने वाली हरियाणा की बैस्ट प्लेयर थीं। हरियाणा में खिलाडिय़ों के साथ होने वाली राजनीति से परेशान होकर 1995 में यू.पी. आकर बस गईं। यहीं से उन्होंने 1995 में भारतीय महिला फुटबॉल टीम में एंट्री की।वह एक शानदार खिलाड़ी थी जिन्होंने अपने काबिलियत के बूते टीम की कप्तानी हासिल की थी। उन्होंने 1996-97 तक कप्तानी संभाली। वो राइट बैक पोजिशन से खेलती थीं। साल 1998 में खेले गए एशियन गेम्स के दौरान उन्हें घुटने और पीठ में चोट लगी थी। इसी चोट की वजह से उनका कैरियर ख़त्म हो गया। उन्होंने साल 2002 में शादी की और अब वह वाराणसी में रहती है। सोना ने कुछ दिनों पहले वाराणसी में अपनी किताब गेम इन गेमज् लांच की है। इस पुस्तक का विमोचन पिछले दिनों पाकिस्तानी गायक गुलाम अली ने किया था।

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