
पब्लिक ट्रांसपोर्ट में लोकेशन ट्रैकर और इमरजेंसी बटन होगा जरूरी, जनवरी 2019 से नया नियम लागू
नई दिल्ली। जनवरी 2019 के पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए बहुत से नियम बदलने वाले हैं। महिला सुरक्षा और अपराध पर लगाम लगाने के मकसद से सरकार ने एक जनवरी 2019 से पंजीकृत पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर उनकी स्थिति का पता लगाने वाले (लोकेशन ट्रेकिंग) उपकरण और आपात बटन लगाने को आनिवार्य कर दिया है।
महिला सुरक्षा और अपराध पर लगेगा लगाम
बुधवार को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध में 25 अक्टूबर को जारी अधिसूचना के तहत एक जनवरी से पंजीकृत होने वाले सभी वाहनों के लिए यह अनिवार्य किया गया है। उपकरण लगाने की यह व्यवस्था ई-रिक्शा तथा ऑटो रिक्शा पर लागू नहीं होगी। मंत्रालय का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से यह व्यवस्था महत्वपूर्ण है। लोकेशन ट्रेकिंग उपकरण के जरिए वाहन की निगरानी की जा सकेगी और अपने गंतव्य मार्ग में वाहन की स्थिति क्या है इसका आसानी से पता लगाया जा सकेगा। इसी तरह से आपात बटन का इस्तेमाल विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अनिवार्य किया गया है।
केंद्र और राज्य के पास होगा डेटा
दिसम्बर 2018 तक पंजीकृत वाहनों में यह उपकरण लगाने का दायित्व संबंधित राज्य सरकारों पर छोड़ा गया है। उन्हें ही तय करना है कि किस तिथि तक इन वाहनों में ये उपकरण लगाए जाएंगे। मंत्रालय की सूचना में कहा गया है कि इन उपकरणों को कमांड देने और उनके नियंत्रण कक्ष को स्थापित करने के बारे में संबद्ध राज्य सरकारों तथा वाहन की निर्माता कंपनी को विचार करना है। वाहन के डाटा बेस या उसके ओवर स्पीड होने तथा वाहन के हालात आदि की जानकारी भी यही केंद्र उपलब्ध कराएगा।
Published on:
31 Oct 2018 08:40 pm
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