
Babita Phogat's sister ritika phogat suicide
नई दिल्ली। यह बात तो हर कोई जानता है कि फोगाट परिवार ने भारत को ऐसी दो महिला पहलवान दी हैं जिनकी काबिलियत को देख दूर देश के पहलवान भी एक बार हार मानने को तैयार हो जाते हैं। गीता और बबीता फोगाट नाम की इन दोनों बहनों ने भारतीय कुश्ती के क्षेत्र में काफी नाम कमाया है। इन्होंने अपने बलबूते पर भारत को कई मेडल भी दिए हैं और इन्हीं के पद चिन्हों में चलते हुए इनकी एक और बहन भी तैयार हो रही थी।
गीता और बबीता की ममेरी बहन रीतिका भी कुश्ती के क्षेत्र में अपना हाथ आजमा रही थी। अभी रीतिका कुश्ती के सफर में आगे बढ़ ही रही थी कि एक टूर्नामेंट में मिली हार से वो इतनी हार गई कि उसने मौत को ही गले लगा लिया। रिपोर्ट्स के अनुसार रीतिका ने खुदकुशी कर ली। यह टूर्नामेंट 12 से 14 मार्च के बीच भरतपुर में हुआ था।
बताया जा रहा है कि 14 मार्च को रितिका ने भरतपुर में फाइनल मैच खेला था लेकिन इस खेल में वो एक प्वाइंट से हार गईं। उन्हें इस टूर्नामेंट में मिली हार का सदमा ऐसा लगा कि वो इससे उबर नही पाईं और घर पर लगे पंखे में अपना दुपट्टा डालकर फांसी लगा ली। उनकी मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम किया गया, जिसके बाद शव को उनके परिवार वालों को सौप दिया गया है पुलिस इस मामले का जांच और बारीकी से कर रही है कहा तो यह भी जा रहा है कि इस टूर्नामेंट में गीता- बबीता के पिता और द्रोणाचार्य अवॉर्ड जीतने वाले महावीर फोगाट भी मौजूद थे।
बता दें कि गीता फोगाट ऐसी पहली भारतीय महिला थीं जिन्होने साल 2010 में दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था, वहीं बबीता भी कुश्ती के क्षेत्र में अलग पहचान बनाकर राजनीति के क्षेत्र में भी आगे बढ़ीं। बीजेपी में आने के बाद साल 2019 में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में दादरी सीट से चुनाव भी लड़ा था, भले ही उन्हें हार का सामना करना पड़ा था लेकिन चुनाव हारने के बाद भी बबीता फोगाट राजनीति में लगातार एक्टिव हैं और पार्टी के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा भी लेती हैं।
Updated on:
18 Mar 2021, 4:42 PM IST
Published on:
18 Mar 2021, 4:36 PM IST
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