
नई दिल्ली। नवरात्र का पर्व एक ऐसा पर्व होता है जिसका जश्र पूरे देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है और नवरात्रि में गरबा की धूम तो हर जगह होती है। लड़कियां रंग बिरंगे लहंगा चोली और पुरूष उनके लिए बने खास तरह के गरबा के पोशाक को पहनकर एक साथ मिलजुल कर गरबा खेलते हैं।
गरबा लोग कई तरह से खेलते हैं। जैसे कि कुछ लोग हाथों में दिया लेकर तो वहीं कुछ आग के गोले के अंदर मशाल के साथ तो कहीं सांप के साथ करतब दिखाते हुए लोग गरबा खेलते हैं। गरबा खेलने को लेकर हर जगह का अपने अगल तरीके के नियम होते हैं।
हम सभी जानते है कि गरबा की असली रौनक गुजरात में देखने को मिलती है लेकिन गुजरात का ऐसा ही अनोखा शहर जिसका नाम जूनागढ़ है वहां पर पिछले कई सालों से ऐसा गरबा खेला जाता है जिसे देखकर लोग हैरान हो जाते हैं।
जी, हां यहां नवरात्रि के अष्टमी में 11 से 14 वर्ष की लड़कियां गरबा करती है लेकिन ये कम उम्र की लड़कियां गरबा खेलने के लिए पैरों के नीचे कांच के टुकड़े बिछा देती हैं और सिर्फ इतना ही नहीं ये बच्चियां अपने हाथों में जलता हुआ दीपक भी लेती है।
इस तरह के गरबा में सिर्फ 11 से 14 उम्र की लड़कियां ही भाग लेती है, ज्य़ादा उम्र की लड़कियों को इसे खेलने की अनुमति नहीं दी जाती है। हैरान करने वाली बात तो ये है कि कांच पर नाचने के बावजूद भी इन लड़कियों के पैर से खून नहीं निकलती है बल्कि खून तो दूर एक खरोंच तक नहीं लगती है।
इस अनोखे गरबा को देखने के लिए वहां काफी बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं। करीब दस सालों से इस गरबा का आयोजन जूनागढ़ में किया जा रहा है। ये बच्चियां इस गरबा को खेलने के लिए खास तौर पर प्रशिक्षित की जाती है।

Published on:
04 Feb 2018 05:53 pm
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