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सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला के पास देखा गया दुर्लभ गिद्घ, 9 फुट तक फैला सकता है अपने पंख

दुर्लभ यूरेशियन ग्रिफॉन गिद्ध को महाराष्ट्र की सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला में 700 किलोमीटर दूर देखा गया है। इसे केरल वन विभाग द्वारा बचाया गया था। पक्षीविज्ञानियों की मानें तो यह महाराष्ट्र में दिखना काफी दुर्लभ है।

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Griffon vulture can spread wings upto 9 feet, seen Sahyadri mountain

Griffon vulture can spread wings upto 9 feet, seen Sahyadri mountain

नई दिल्ली। दुनिया में कई अनोखे पशु और पक्षी, जिनके बारे में कई लोग नहीं जानते हैं। कुछ तो इतने दुर्लभ जिन्हें देख पाना नामुमकिन सा ही है। वहीं कुछ ऐसे क्षण भी आते हैं जो वो खुद दुनिया के सामने आते है और अपनी झलक दिखाकर चले जाते हैं। ऐसा ही एक दुनिया में भारत और यहां के लोगों को मिला। जब एक दुर्लभ यूरेशियन ग्रिफॉन गिद्ध को महाराष्ट्र की सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला में 700 किलोमीटर दूर देखा गया है। इसे केरल वन विभाग द्वारा बचाया गया था। पक्षीविज्ञानियों की मानें तो यह महाराष्ट्र में दिखना काफी दुर्लभ है।

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महाराष्ट्र में 9 मई को देखा गया था
सह्याद्रि बाघ अभयारण्य के चीफ कंजर्वेटर ऑफ फोरेस्ट क्लेमेंट बेन के अनुसार एक यूरेशियन ग्रिफॉन गिद्ध को सह्याद्रि टाइगर रिजर्व में देखा गया था। पक्षी को कन्नूर में टैग किया गया था और केरल के वायनाड वन्यजीव अभयारण्य में उसे छोड़ा गया था। जानकारी के अनुसार फोरेस्ट गार्ड ने पहली बार 9 मई को पश्चिमी महाराष्ट्र के सतारा जिले की पाटन तहसील में पक्षी को देखा था और कुछ तस्वीरें भी खींची थी। सतारा जिले के मानद वन्यजीव वार्डन रोहन भाटे ने कुछ गिद्ध अध्ययन समूहों पर तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की, जिससे पता चला कि इसे केरल में टैग किया गया था।

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9 फुट तक फैला सकता है पंख
रोहन भाटे ने बताया कि गिद्धों की यह प्रजाति मुख्य रूप से तिब्बत, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत में हिमालय पर्वतमाला में पाई जाती है। उनके अनुसार इसे भोजन की तलाश में लंबी दूरी तय करने के लिए जाना जाता है। यह पक्षी आठ से नौ फुट तक फैलाने में माहिर होता है। इस गिद्घ की उंचाई भी 125 सेंटीमीटर या उससे ज्यादा होती है। इस पक्षी का वजन लगभग 8-10 किलोग्राम होता है।