
नई दिल्ली। भगवान हनुमान को अभी तक ब्रह्मचारी या बाल ब्रह्मचारी कहा जाता था। लेकिन असल में हनुमान जी ब्रह्मचारी नहीं थे। उनकी पत्नी थी। हनुमान जी का बकायदा विवाह हुआ था। इसलिए अगर आप ये सोचते हैं कि हनुमान जी कुंवारे थे, तो आप गलत है। हालांकि विवाह और पुत्र प्राप्ति के बाद भी हनुमान जी को ब्रह्मचारी ही माना जाता है।
मान्यता के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि हनुमान जी जब अपने गुरुसूर्य देव से शिक्षा प्राप्त कर रहे थे। लेकिन एक शिक्षा ऐसी थी जो कि एक विवाहित पुरूष को ही दी जा सकती थी। इसलिए शिक्षा प्राप्त करने के लिए हनुमान जी ने विवाह किया था। ऐसा कहा जाता है कि जब हनुमान जी से विवाह के लिए कहा गया तो हनुमान जी ने कहा कि उन्होंने आजीवन ब्रह्मचारी रहने का प्रण लिया है। इस दुविधा को देखते हुए सूर्य देव ने हनुमान जी से कहा कि वो उनकी पुत्री से विवाह कर सकते हैं। जिसके बाद हनुमान जी का पूरा रीति रिवाजों के साथ विवाह हुआ। पराशर संहिता में कहा गया है कि हनुमान जी आजीवन ब्रह्मचारी रहने का प्रण लिया था। वहीं उनकी पत्नी सुवर्चला तपस्विनी थी। शादी के बाद ही हनुमान जी की पत्नी विवाह के बाद वापस तपस्या के लिए चली गई।
आंध्रप्रदेश के खम्मम जिले में हनुमान जी के इस मंदिर में हनुमान जी की उनकी पत्नी की भी मूर्ति बनी हुई है। ये ऐसा इकलौता मंदिर है जहां हनुमान जी के शादी का वर्णन हैं। ऐसा कहा जाता है कि यहां की मान्यता है कि हनुमान जी के इस मंदिर में आकर जो दंपत्ति हनुमान और उनकी पत्नी के दर्शन करते हैं उनके वैवाहिक जीवन में चल रही परेशानियां दूर होती है।
Published on:
20 Feb 2018 10:39 am
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