ICMR ने दी भारत में तैयार होने वाली COVID-19 Vaccine की जानकारी

  • इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने दी सूचना।
  • तीन वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल के दूसरे चरण में, दो स्वदेशी वैक्सीन ( covid-19 vaccine ) पूरा कर चुकीं पहला फेज।
  • सीरम इंस्टीट्यूट मंजूरी मिलने के बाद शुरू करेगा कोरोना वैक्सीन के तीसरे फेज का ट्रायल।

 

नई दिल्ली। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ( ICMR ) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने मंगलवार को कहा कि देश में COVID-19 की तीन वैक्सीन ( covid-19 vaccine ) क्लीनिकल ट्रायल स्टेज में हैं और दो स्वदेशी वैक्सीन ने पहले चरण परीक्षण पूरा कर लिया है। राजधानी में आयोजि एक संवाददाता सम्मेलन में डॉ. भार्गव ने कहा, "तीन टीके भारत में क्लीनिकल ट्रायल स्टेज में हैं। जबकि जाइडस कैडिला और भारत बायोटेक ने पहले चरण के ट्रायल पूरे कर लिए हैं। फिलहाल नतीजों का विश्लेषण किया जा रहा है। अब इन्होंने दूसरे चरण के लिए स्वयंसेवियों की भर्ती शुरू कर दी है।"

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डॉ. भार्गव देश में COVID-19 टीकों की स्थिति पर एक सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने आगे कहा, "सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया (SII) ने II-B3 फेज का ट्रायल पूरा कर लिया है। उन्होंने सात दिनों का ब्रेक लिया और मंजूरी के बाद तीसरे चरण के ट्रायल शुरू करेंगे। यह ट्रायल 14 स्थानों पर 1,500 मरीजों के साथ किए जाएंगे।"

ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने सीरम इंस्टीट्यूट को क्लीनिकल ट्रायल के फेज 2 और 3 में किसी भी नए स्वयंसेवी की भर्ती को रोकने के लिए कहा था। यह आदेश ब्रिटेन में AstraZeneca द्वारा जारी nCoV19 कोरोना वायरस वैक्सीन देने के बाद एक मरीज में दिखाई दिए दुष्प्रभावों के बाद इसका परीक्षण रोके जाने की रिपोर्ट सामने आने के बाद जारी किए गए थे।

AstraZeneca ने वैक्सीन के विकास के लिए ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के साथ भागीदारी की है और फिर से ब्रिटेन में परीक्षण शुरू कर दिया है। कोरोना वायरस के लिए अभी तक कोई विशिष्ट दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।

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डॉ. भार्गव ने कहा कि एक बार भारत में कोरोना वायरस के खिलाफ एक सुरक्षित और प्रभावी टीका बन जाता है तो चार कारकों पर विचार करने की आवश्यकता होगी- इनमें वैक्सीन की प्राथमिकता और उचित वितरण, पहुंचाने के तरीके और कोल्ड चेन बरकरार रखना, इसके स्टॉक को रखना और जिन लोगों को यह वैक्सीन दी जाएगी उन्हें प्रशिक्षित किया जाना शामिल है।

उन्होंने कहा कि भारत कई वर्षों से अन्य टीकों को लोगों तक पहुंचा रहा है और इससे जुड़ी आवश्यक जानकारी रखता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक सुरक्षित औऱ प्रभावी टीका उपलब्ध नहीं हो जाता, तब तक कम से कम सतत व्यवहार परिवर्तन की जरूरत है। इसमें मास्क पहनना, हाथ की सफाई और फिजिकल डिस्टेंसिंग शामिल हैं।

बता दें कि देश में मंगलवार को पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के 83,000 नए केस सामने आए हैं। अब भारत में कोरोना वायरस केस की कुल संख्या बढ़कर 49,30,237 पहुंच गई है जबकि एक्टिव केस की संख्या 9,90,061 पहुंच चुकी है। वहीं, अब तक देश में कुल 38,59,399 मरीज ठीक या डिस्चार्ज किए जा चुके हैं।

बीते 24 घंटों के दौरान इस महामारी से ठीक होने वालों की संख्या 79,292 रही है जबकि 1054 लोगों की मौत हो गई। अब तक देश में कोरोना वायरस से 80,776 लोगों की मौत हो चुकी है।

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अमित कुमार बाजपेयी
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