
मुम्बई। देश में जियो इंफोकॉम लिमिटेड की बढ़ती बाजार हिस्सेदारी से निपटने के लिए आईडिया सेलुलर लिमिटेड और वोडाफोन समूह पीएलसी की भारतीय ईकाई ने अप्रैल से एक साथ काम करने की घोषणा की है। विलय के बाद बनी कंपनी इंडस टॉवर्स लिमिटेड विश्व की दूसरी और भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर बन जाएगी। फिलहाल भारत का सबसे बड़ा टेलीकॉम ऑपरेटर भारती एयरटेल लिमिटेड है।
41 % बाजार पर होगा कब्जा
आईडिया और वोडाफोन के विलय से बनी इंडस टॉवर्स लिमिटेड के लगभग 40 करोड़ ग्राहक होंगे जो सभी मोबाईल उपभोक्ताओं का करीब 35 प्रतिशत हिस्सा होगा। इसके अलावा यह करीब 41 प्रतिशत मार्केट शेयर पर भी कब्जा कर लेगी। इस नई कम्पनी का रिवेन्यू लगभग 81,600 करोड़ औऱ ऑपरेटिंग प्रॉफिट लगभग 24,400 करोड़ का होगा। अगर सब कुछ पहले से तय योजना के मुताबिक चलता रहा तो अप्रैल के पहले हफ्ते से ही ये दोनों टेलीकॉम कंपनियां एक नई कंपनी इंडस टॉवर्स लिमिटेड के रूप में कार्य करने लगेंगी।
जल्द ही कंपनी का होगा रजिस्ट्रेशन
शुक्रवार को नेशनल कंपनी ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने वोडाफोन इंडिया लिमिटेड और आइडिया सेलुलर के बीच विलय को अपनी मंजूरी दे दी है। इन दोनों कम्पनियों को विलय के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से मंजूरी मिल जाने के बाद अब सिर्फ दूरसंचार विभाग से मंजूरी लेनी बाकी है। इस मामले से संबद्ध एक शख्स ने बताया कि दूरसंचार विभाग से 45 से 60 दिनों के भीतर स्वीकृति मिल जाने की उम्मीद है। दूरसंचार विभाग से विलय को मंजूरी मिल जाने के बाद इसे रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज में एक नई कंपनी के रूप में रजिस्टर किया जाएगा।
वोडाफोन की होगी 42 % की हिस्सेदारी
आदित्य बिरला समूह और वोडाफोन के बीच हुए समझौते के अनुसार इस नई कंपनी में आईडिया सेलुलर की 26 प्रतिशत की हिस्सेदारी रहेगी और 42 प्रतिशत हिस्सेदारी वोडाफोन की रहेगी और शेष हिस्सेदारी अन्य शेयरधारकों की रहेगी। इसके लिए वोडाफोन ने प्रस्तावित इंडस टॉवर्स लिमिटेड में 5 बिलियन डॉलर पूंजी से करीब 42 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है। इसके अतिरिक्त वोडाफोन इस नई एंटिटी में 2500 करोड़ रूपयों के डेब्ट के रूप में भी हिस्सेदारी करेगा।
Updated on:
15 Jan 2018 08:12 pm
Published on:
15 Jan 2018 08:10 pm
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