
यूएन में भारतीय प्रतिनिधि महावीर सिंघवी ने लादेन को शहीद बताने के लिए Imran Khan के बयान की सख्त आलोचना की।
नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र ( United Nation ) आतंकवाद-निरोधी सप्ताह ( Anti-Terrorism Week ) के उपलक्ष्य में आयोजित वर्चुअल बैठक ( Virtual Meeting ) में भारत ने पाकिस्तान को सबूतों के साथ बेनकाब किया। भारतीय दल का नेतृत्व कर रहे विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव ( आतंकवाद विरोधी ) महावीर सिंघवी ( Mahavir Singhavi ) ने बताया कि आतंकवादियों ने भारत में घुसपैठ करने के अनगिनत प्रयास किए हैं। सीमा पार से अपने सुरक्षित ठिकानों से हमारी सीमा में हमलों को अंजाम देने के लिए मानव रहित हवाई प्रणाली ड्रोन ( Drone ) का भी इस्तेमाल किया।
यूएन में भारतीय प्रतिनिधि ने लादेन को शहीद बताने के लिए पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ( Pak PM Imran Khan ) की भी घोर निंदा की। पाक पीएम इमरान खान के बयान को ‘भद्दा मजाक’ बताया। उन्होंने कहा कि अल-कायदा के संस्थापक ओसामा बिन लादेन ( Al-Qaeda founder Osama bin Laden ) को हाल ही में पाकिस्तानी संसद में प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा शहीद ( Martyr ) कहा गया। पाक पीएम का यह बयान ही इस बात को साबित करने के लिए काफी है कि पाक न केवल भारत के खिलाफ बल्कि दुनियाभर में आतंकवाद ( Terrorism ) को बढ़ावा दे रहा है।
इमरान ने माना, पाक में 40000 से ज्यादा आतंकी
बैठक के दौरान सिंघवी ने कहा कि इमरान खान ने सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान में 40,000 से अधिक आतंकवादियों की मौजूदगी की बात स्वीकार की थी। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ( UNSC ) की एक टीम ने रिपोर्ट दी थी कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद ( Lashkar-e-Taiba and Jaish-e-Mohammed ) के लगभग 6,500 पाकिस्तानी आतंकवादी अफगानिस्तान में काम कर रहे हैं।
Drone के जरिए करता है हथियारों की तस्करी
यूएन ( UN ) की इस बैठक में भारत ने पाकिस्तान पर सीधा आतंकवाद को पोषित करने का आरोप लगाया। भारत ने पड़ोसी देश पर आतंकवादियों को पनाह देने के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर को लेकर मनगढंत कहानी गढ़ने का आरोप लगाया है। इसके लिए ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी का भी आरोप लगाया।
दुनिया को उपदेश न दे पाक
भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे महावीर सिंघवी ( Mahavir Singhvi ) ने कहा कि भारत में आतंकी हमला कराने वाले उपदेश दे रहे हैं। यूएन की बैठक के दौरान सिंघवी ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक देश जिसने मुंबई (2008), पठानकोट (2016), उरी और पुलवामा में आतंकवादी हमले किए, वह अब विश्व समुदाय को उपदेश दे रहा है।
वैश्विक कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus Pandemic ) के दौरान भी पाकिस्तान सीमा पार से आतंकवादियों को भेजने का काम करता है। उन्होंने पाकिस्तान पर भारत के आंतरिक मामले में दखलअंदाजी करने का भी आरोप लगाया। वह भारत के खिलाफ सीमा पर आतंकवादियों को बढ़ावा देने के लिए अपने सैनिकों के साथ-साथ आर्थिक मदद करता है। वह आतंकवादियों को स्वतंत्रता सेनानी मानता है। पाकिस्तान भारत के घरेलू कानून और नीतियों के बारे में गलत जानकारी भी देता है।
नफरत फैलाने वाले भाषण, फेक न्यूज और वीडियो के माध्यम से गलत सूचना देने के लिए सोशल मीडिया में लोगों की बढ़ी मौजूदगी का इस्तेमाल किया है।
अल्पसंख्यकों के खिलाफ मानवाधिकारों का उल्लंघन
इस मामले में पाकिस्तान का एक और परेशान करने वाला ट्रेंड सामने आया है। वह आतंकी समूह के लिए चैरिटी ( Charity ) के नाम पर फंड इकट्ठा कर रहे हैं, जिसका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। भारतीय अधिकारी ने बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन और धार्मिक और सांस्कृतिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव की भी आलोचना की।
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Updated on:
8 Jul 2020, 11:02 AM IST
Published on:
8 Jul 2020, 7:57 AM IST
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