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देश को मिलेगा सबसे लंबा सड़क-रेल पुल, पीएम मोदी करेंगे उद्धाटन

पीएम मोदी इस साल के अंत तक देश की सबसे लंबी सड़क-रेल पुल का उद्धाटन करेंगे।
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नई दिल्ली

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Shiwani Singh

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Updated: 10 May 2018, 1:48 PM IST

Bogibeel Bridge

नई दिल्ली। देश को इस साल सबले लंबा सड़क और रेल पुल मिल जाएगा। असम के डिब्रूगढ को अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट से जोड़ने वाले इस पुल का निर्माण कार्य इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस साल के अंत में पुल का उद्घाटन किए जाने की संभावना है। बता दें कि यह पुल काफी अहम है। इस पुल को चीन के साथ लगती सीमा पर रक्षा साजो सामान भेजने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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पुल का नाम 'बोगीबील पुल'

इस पुल का नाम बोगीबील है। इस परियोजना के चीफ इंजिनियर महेंद्र सिंह ने बताया, 'इस साल जुलाई के अंत तक 4.94 किलोमीटर लंबे इस पुल का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। वहीं, इसके इलेक्ट्रिकल और सिग्नल के काम को पूरा करने में दो महीने और लगेंगे।

एशिया का दूसरा सबसे बड़ा पुल

यह पुल एशिया का दूसरा सबसे बड़ा पुल है। इस पुल के ऊपर तीन लेन की सड़क है और उसके नीचे दोहरी रेल लाइन है। वहीं, यह पुल ब्रह्मपुत्र के जलस्तर से 32 मीटर की ऊंचाई पर बना है। बता दें कि इस पुल को स्वीडन और डेनमार्क को जोड़ने वाले पुल की तरह बनाया गया है।

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पूर्वोत्तर के विकास का पुल

अधिकारियों के अनुसार, इस पुल को पूर्वोत्तर के विकास का पुल माना जा रहा है। सरकार के लिए यह पुल पूर्वोत्तर में विकास का प्रतीक है। इस पुल की मदद से चीनी सीमा पर तैनात सशस्त्र बलों को काफी मदद मिलेगी। इस पुल की मदद से सेना को तेजपुर से आपूर्ति प्राप्त करने के लिए साजोसामान लाने-लेजाने में मदद मिलेगी।

500 किमी की दूरी 100 में तय

चीफ इंजिनियर महेंद्र सिंह ने कहा, ' पहले ट्रेन से डिब्रूगढ़ से अरुणाचल प्रदेश जाने के लिए लोगों को गुवाहाटी जाना होता है, जिसमे 500 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करनी होती है। लेकिन इस पुल से यह यात्रा 100 किलोमीटर से कम रह जाएगी।'

1996 में ही पुल को मिली थी मंजूरी

गौरतलब है कि इस पुल के लिए 1996 में ही मंजूरी मिल गई थी, लेकिन निर्माण कार्य 2002 में भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने शुरू किया था। वहीं जब कांग्रेस नेतृत्व में 2007 में यूपीए सरकार बनी तो इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित कर दिया गया था।

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