
नई दिल्ली। भारतीय जहां जाते हैं वहीं अपना परचम लहराते हैं। दूर विदेशों में भी भारतीय अपने हूनर का लोहा मनवाते हैं। अब आप इस संदर्भ में मेहुल को ही ले लीजिए। जी, हां ब्रिटेन में भारतीय मूल के मेहुल गर्ग जो कि मात्र दस साल के हैं, उन्होंने मेनसा आईक्यू टेस्ट में सर्वाधिक अंक हासिल किए हैं।
मेहुल ने अल्बर्ट आइंस्टीन और स्टीफन हॉकिंग जैसे मेधावी लोगों को पीछे छोड़ दिया है। ऐसा करके मेहुल सबसे कम उम्र में ये उपलब्धि हासिल करने वाला व्यक्ति बन गया है। आपको बता दें कि मेहुल,अपने तेरह वर्षीय बड़े भाई धु्रव गर्ग के नक्शे-कदम पर चलते हुए इस स्पर्धा में हिस्सा लेने का निणर्य लिया था।
मेहुल का बड़ा भाई धु्रव पिछले साल 162 अंकों के साथ इस स्पर्धा में सर्वाधिक स्कोर किया था। अपने बेटे की इस उपलब्धि पर मेहुल की मां दिव्या गर्ग काफी खुश है और उनसे जब इस बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि, "माही भी बहुत प्रतिस्पर्धी है। उसके भाई ने भी पिछले साल इतने ही अंक हासिल किए थे तो मेहुल भी यह दिखाना चाहता था कि वह अपने भाई से कम नहीं है।" आपको बता दें कि मेहुल को उसके प्रियजन माही कहकर भी बुलाते हैं। मेहुल गर्ग, दक्षिणी इंग्लैंड के रीडिंग ब्वायज ग्रामर स्कूल के छात्र है और इस वर्ष मेनसा आईक्यू टेस्ट में उसने अधिकतम निर्धारित 162 अंक प्राप्त किए हैं और अपने इस उपलब्धि के साथ ही माही हाई आइक्यू सोसायटी, मेनसा का सदस्य बन गया।
आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि मेहुल का स्कोर आइंस्टीन और हॉकिंग की तुलना में दो अंक अधिक रहा। आइंस्टीन और हॉकिंग को दुनिया के उन शीर्ष एक फीसदी लोगों में स्थान दिया जाता है, जिन्होनें ये सम्मान पहले ही अपने नाम कर लिया है। मेहुल से जब उसके पसंदीदा विषय के बारे में पूछा गया तो उसका जवाब था गणित। मेहुल बड़ा होकर गूगल जैसी प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी का प्रमुख बनना चाहता है।
Published on:
27 Jan 2018 01:54 pm
बड़ी खबरें
View Allविविध भारत
ट्रेंडिंग
