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भारतीय वैज्ञानिक का दावा: कलाम से बड़े वैज्ञानिक बनेंगे हर्षवर्धन, आइंस्टीन-न्यूटन को नहीं था ज्ञान

भारतीय वैज्ञानिक कनक जगाथला कृष्णन ने देशभर के वैज्ञानिकों के सामने एक पीएम मोदी और उनके एक मंत्री को लेकर ऐसा सनसनीखेज दावा किया है, जिसे सुनने के बाद हर कोई हैरान रह गया है।

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Chandra Prakash Chourasia

Jan 05, 2019

Kanan Jegathala Krishnan

भारतीय वैज्ञानिक का दावा: कलाम से बड़े वैज्ञानिक बनेंगे हर्षवर्धन, आइंस्टीन-न्यूटन को नहीं था ज्ञान

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 106वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस के उद्घाटन के दौरान एक नया नारा देकर देश में अनुसंधान पर जोर देने की बात कही थी। गुरुवार को उन्होंने राष्ट्र को शीर्ष पर ले जाने के लिए शोध पर जोर देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री द्वारा दिए गए नारे 'जय जवान, जय किसान' में 'जय अनुसंधान' जोड़ दिया। अब इसी कार्यक्रम में भारतीय वैज्ञानिक एक नहीं बल्कि चौंकाने वाला बयान दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन आने वाले दिनों में ‘मिसाइल मैन’ के नाम से दुनिया में मशहूर पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से बड़े वैज्ञानिक बन जाएंगे।

'आइंस्टीन और न्यूटन को नहीं था ज्ञान'

शुक्रवार को आइंस्टीन के सिद्धांत पर चर्चा के लिए वैज्ञानिक कनक जगाथला कृष्णन को बुलाया गया था। यहां उन्होंने कहा कि आइंस्टीन को रिलेटिविटी की थ्योरी और न्यूटन को गुरुत्वाकर्षण का नियम की सही-सही जानकारी ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि इन दोनों वैज्ञानिकों के पास गुरुत्वाकर्षण बल के बारे में काफी कम जानकारी थी। वे बहुत से सवालों का जवाब नहीं दे पाए थे।

'कलाम से बड़े वैज्ञानिक बनेंगे हर्षवर्धन'

कनक जगाथला कृष्णन खुद को तमिलनाडु के अलियर स्थित विश्व सामुदायिक सेवा केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक होने का दावा करते हैं। अपने संबोधन में उन्होंने जब पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन का जिक्र कर अपनी बात शुरु की तो हर कोई हैरान रह गया। उन्होंने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि आने वाले समय में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन भारत के ‘मिसाइल मैन’ एपीजे अब्दुल कलाम से बड़े वैज्ञानिक बनेंगे और दुनिया उन्हें सलाम करेगी।

विज्ञान में आ जाएगा मोदी और हर्षवर्धन का नाम

वैज्ञानिक ने एक और हैरान करने वाला दावा किया कि जिन सवालों के जवाब आइंस्टीन और न्यूटन नहीं खोज पाए थे, उसका हल उनके पास है। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि बल्कि अल्बर्ट आइंस्टीन ने भौतिक के प्रिंसिपल ऑफ रिलेटिविटी को लेकर दुनिया को गुमराह किया। जगाथला कृष्णन कृष्णन ने आगे ये भी दावा किया कि अगर लोगों ने एकबार गुरुत्वाकर्षण के इस सिद्धांत को स्वीकार कर लिया और उनके लिए इसके मायने बदल जाते हैं। जिसके बाद आने वाले समय में गुरुत्वाकर्षण तरंगों को 'नरेंद्र मोदी तरंग' और गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव 'हर्षवर्धन प्रभाव' के नाम से जाना जाएगा।