
नई दिल्ली। देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस ने अपना सीईओ नियुक्त कर लिया है। इंफोसिस ने सलिल ए. पारेख अपना को सीईओ और एमडी नियुक्त किया है। पारेख का कार्यकाल दो जनवरी, 2018 से शुरु होगा। पारेख अबतक कैपजेमिनी के ग्रुप एग्जीक्यूटिव बोर्ड के सदस्य थे। इंफोसिस का सीईओ नियुक्त होने के बाद उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया है।
पारेख का प्रबंधन ट्रैक रिकार्ड मजबूत
सलिल ए. पारेख अपना को सीईओ नियुक्त करने के बाद इंफोसिस के अध्यक्ष नंदन नीलेकणि ने कहा कि हमें खुशी है कि सलिल इंफोसिस में सीईओ और एमडी के रूप में जुड़े हैं। उन्हें आईटी सेवा क्षेत्र का तीन दशकों का अंतर्राष्ट्रीय अनुभव है। उनका व्यावसायिक निष्पादन और सफल अधिग्रहण के प्रबंधन का मजबूत ट्रैक रिकार्ड है।
कैपजेमिनी में कार्यरत थे पारेख
कैपजेमिनी ने कहा है कि सलिल ए. पारेख ने इस्तीफा तो दे दिया है, लेकिन ये एक जनवरी से लागू होगा। तबतक वे अपने पद पर बने रहेंगे। इसी वजह से पारेख दो जनवरी 2018 से इंफोसिस सीआईओ को पद संभालेंगे। कैपजेमिनी के साथ पारेख साल 2000 में जुड़े थे। इंफोसिस की तरह कैपजेमिनी भी एक वैश्विक कंसल्टिंग, प्रौद्योगिकी और आईटी आउटसोर्सिग कंपनी है, जिसका मुख्यालय फ्रांस के पेरिस में है।
18 अगस्त को सिक्का ने दिया इस्तीफा
बता दें कि इंफोसिस के पूर्णकालिक सीईओ का पद विशाल सिक्का के 18 अगस्त को इस्तीफा देने के बाद से ही खाली था। उन्होंने यह कहते हुए पद छोड़ा था कि वे 'दुर्भावनापूर्ण निजी हमलों' के बीच काम नहीं कर सकते। कंपनी के बोर्ड ने सिक्का के नाटकीय इस्तीफे के लिए कंपनी के संस्थापक एन. आर. नारायण मूर्ति को जिम्मेदार ठहराया था।
चर्चा में था अशोक विमूरी का नाम
विशाल सिक्का के इस्तीफे के बाद सीईओ पद के लिए अशोक विमूरी का नाम बहुत तेजी उछल रहा था। अशोक विमूरी इंफोसिस के पूर्व एग्जीक्यूटिव हैं। हालांकि उन्होंने इस पद के लिए इनकार कर दिया था।
Updated on:
02 Dec 2017 06:55 pm
Published on:
02 Dec 2017 06:50 pm
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