इसरो के मिशन Chandrayaan का काम हुआ तेज, जानें कब भारत फिर चांद के लिए भरेगा उड़ान

  • भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र ( इसरो) ने मिशन Chandrayaan को लेकर कमर कस ली है
  • इसरो अपने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए तैयारियों में जुट गया है
  • नए वर्ष की शुरुआत में लॉन्च कर दिया जाएगा चंद्रयान-3

नई दिल्ली। भारत अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र यानी इसरो की महत्वाकांक्षी योजना मिशन चंद्रयान ( Chandrayaan ) को लेकर एक बार फिर तैयारियां जोरों पर हैं। इसरो अब तक चांद पर अपने मिशन चंद्रयान-1 और चंद्रयान-2 को भेजकर कई बड़ी उपलब्धियां हांसिल कर चुका हैं। इसके बाद अब इसरो की मिशन मून के लिए चंद्रयान-3 को लॉन्च करने की तैयारी में जुटा है।

हाल में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी मिशन चंद्रयान-3 को लेकर बड़ी जानकारी साझा की थी। केंद्रीय मंत्री ने बताया था कि वर्ष 2021 में इसरो एक बार फिर चांद की सतह पर कदम रखने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए मिशन चंद्रयान-3 को लॉन्च करने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

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नए साल की शुरुआत में होगा लॉन्च
आपको बता दें कि चांद पर पहुंचने के अपने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट मिशन मून को लेकर इसरो ने कमर कस ली है। चंद्रयान-3 को नए वर्ष यानी 2021 की शुरुआत में ही लॉन्च कर दिया जाएगा।

चंद्रयान-2 से मिलेगी ये मदद
चंद्रयान-3 को इससे पहले भेजे गए चंद्रयान-2 से भी काफी मदद मिलेगी। दरअसल चंद्रयान-3 में ऑर्बिटर नहीं होगा, क्योंकि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर बिलकुल ठीक तरीके से काम कर रहा है और यहां अब तक कई तस्वीरें भी आ चुकी हैं। जिस पर इसरो लगातार काम कर रहा है। ऐसे में चंद्रयान-3 में केवल लैंडर और रोवर ही शामिल होंगे।

भारत फिर दिखाएगा अपनी ताकत
इसरो के चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग और लैंडिंग अब तक देशवासियों के साथ-साथ पूरी दुनिया को याद है। इस मिशन ने अंतरिक्ष में भारत की ताकत का बेजोड़ नमूना पेश किया था। अब एक बार फिर चंद्रयान-3 के जरिए मून पर भारत की ओर महत्वाकांक्षी उड़ान भरी जाएगी, इसके साथ ही दुनिया देश की ताकत को देखेगी।

चंद्रयान से मिल चुकी हैं ये सफलता
मिशन चंद्रयान के जरिए इसरो अब तक दो चंद्रयान चांद पर भेज चुका है। इनसे देश को कई सफलताएं हाथ लगी। जैसे चंद्रयान-1 के जरिए चांद पर पानी होने की जानकारी मिली। इसके साथ ही चंद्रमा के ध्रुवों पर जंग होने का भी पता चला। वहीं चंद्रयान-2 के जरिए चांद के दक्षिण ध्रुव तक पहुंचने में कामयाबी मिली। भारत दुनिया का पहला ऐसा देश बना जो चांद के दक्षिण ध्रुव तक पहुंच सका।

कोरोना की वजह से हुई देरी
दुनियाभर में फैली महामारी कोरोना वायरस का असर इसरो के प्रोजेक्टों पर भी पड़ा है। इसी वजह से चंद्रयान-3 की लॉन्चिंग भी अटक गई थी। हालांकि अब इस पर काम तेज कर दिया गया है और इसे 2021 की शुरुआत में ही लॉन्च कर दिया जाएगा।

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आपको बता दें कि बीते महीने अगस्त में ही चंद्रयान-2 ने चांद की परिक्रमा करते हुए अपने एक वर्ष पूरा कर लिया है। इस दौरान ऑर्बिटर से कई तस्वीरें भी इसरो तक पहुंची हैं।

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धीरज शर्मा
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