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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का होगा साझा हाईकोर्ट, 164 कानून होंगे निष्‍प्रभावी

J-K और लद्दाख के लिए नहीं होंगे अलग-अलग हाईकोर्ट लद्दाख सीधे केंद्र के अधीन में होगा केंद्र के सभी 108 कानून लागू होंगे

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नई दिल्‍ली। जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश का एक साझा हाईकोर्ट होगा। राज्‍य न्यायिक अकादमी के डायरेक्‍टर राजीव गुप्ता ने इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि दोनों केंद्र शासित प्रदेशों पर 108 केंद्रीय कानून लागू होंगे जबकि राज्य के 164 कानून निष्प्रभावी हो जाएंगे। वहीं 166 राज्य कानून लागू रहेंगे।

लद्दाख सीधे केंद्र के नियंत्रण में रहेगा

राज्‍य न्‍यायिक आयोग के डायरेक्‍टर राजीव गुप्ता ने एसजेए द्वारा जम्मू कश्मीर के न्यायाधीशों के लिए आयोजित एक सत्र में कहा कि जम्मू कश्मीर में केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर विधानसभा गठित होगी लेकिन लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में कोई विधानसभा नहीं होगी। उन्होंने कहा कि लद्दाख सीधे तौर पर केंद्र सरकार के नियंत्रण में रहेगा।

राजीव गुप्ता ने एसजेए द्वारा न्यायाधीशों के लिए जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 का जम्मू-कश्मीर कानूनों और लंबित मामलों पर ये बात कही।

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5 अगस्‍त को समाप्‍त हो गया था विशेष दर्जा

बता दें कि केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को समाप्त कर दिया था। संसद ने इस संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी थी। राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने को लेकर विधेयक भी पारित किया था।

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