
20 किलो सोना पहने कांवड़ लेने निकले गोल्डन बाबा, मना रहे हैं यात्रा की सिल्वर जुबली
मुंबई। मराठा आंदोलन की आग एक बार फिर से भड़क चुकी है। लोगों के खुदकुशी करने से प्रदर्शन तेज हो गए हैं। आज से मुंबई में मराठा आरक्षण के लिए जेल भरो आंदोलन शुरू होगा। आंदोलन को देखते हुए राज्य का प्रशासन भी तैयार है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। बता दें कि मंगलवार को पुणे में मराठा आंदोलन ने हिंसक शक्ल ले ली थी। आंदोलनकारियों ने कई बसों को आग के हवाले कर दिया। जिसके बाद शहर में धारा 144 लागू कर दी गई थी। मराठा समुदाय के लोगों ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को वापस लेने में ‘नाकाम’ रही है और इसके खिलाफ वे मुंबई में प्रदर्शन करेंगे।
पांच लोगों की जा चुकी है जान
पुलिस ने बताया कि इस मसले पर पांच लोगों की जान जा चुकी है। मुद्दे पर औरंगाबाद में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। औरंगाबाद में प्रशासनिक सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे 28 वर्षीय प्रमोद होरे पाटील ने ट्रेन के सामने छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली। इससे पहले दो व्यक्तियों ने पिछले हफ्ते आत्महत्या की थी जबकि वहीं एक कॉन्स्टेबल की ऑन ड्यूटी हृदय गति रुकने से मौत हो गई थी। दरअसल पिछले हफ्ते औरंगाबाद में पुलिस बंदोबस्त के दौरान कॉन्स्टेबल लक्ष्मण पाटगांवकर की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी।
9 अगस्त को मुंबई में महारैली
नौ अगस्त को मुंबई में एक महारैली का भी आयोजन होने जा रहा है। पिछले साल अगस्त में मुंबई में मराठा क्रांति मूक मोर्चा का आयोजन किया गया था। 9 अगस्त को उस आंदोलन को एक साल पूरे हो रहे है। इसी के मद्देनज़र कुछ बड़ा करने की तैयारी में बैठकें हुईं। मराठा समाज के नेत विनोद पोखरकर ने कहा, ‘हम नौ अगस्त को अगस्त क्रांति के दिन मुंबई में विशाल रैली करेंगे। हम सरकार को अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं।’
क्या हैं मांगें?
मराठा समुदाय की मांग लंबे समय से है और इस बार राज्य में सरकारी पदों के लिए निकाली गई 72 हजार भर्तियों ने हवा दी। मराठा समुदाय सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की मांग कर रहा है।
ये हैं मराठों की निम्नलिखित प्रमुख मांगें
- नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण
- एट्रोसिटी कानून में संशोधन करके इसके दुरुपयोग पर रोक
- कृषि ऋण माफ कर किसान आत्महत्या रोकी जाएं
- कृषि उपज को ज्यादा समर्थन मूल्य दिया जाए
Published on:
1 Aug 2018, 8:59 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.