
श्रीनगर। घाटी के हालात का जायजा लेने 15 विदेशी राजनयिक बृहस्पतिवार को जम्मू एवं कश्मीर (Jammu and Kashmir latest news) के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे हैं। बीते वर्ष अगस्त में विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने वाले अनुच्छेद 370 (article 370 kashmir) को हटाने के बाद से पहली बार विदेशी राजनयिक यहां पहुंचे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में अमरीकी दूत केनेथ आई जस्टर समेत 15 अन्य देशों के राजनयिकों का काफिला बृहस्पतिवार को स्पेशल चार्टर्ड फ्लाइट से श्रीनगर एयरपोर्ट पहुंचा। यहां पर घाटी के तमाम अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
इन सभी विदेशी राजनयिकों का एक रात जम्मू में रुकने का भी कार्यक्रम है। इन विदेशी राजनयिकों के नए केंद्र शासित प्रदेश के उप-राज्यपाल जीसी मुर्मू के साथ ही सिविल सोसाइटी के सदस्यों से भी मुलाकात करने की संभावना है।
इस काफिले में अमरीका के अलावा बांग्लादेश, वियतनाम, नॉर्वे, मालदीव्स, दक्षिण कोरिया, मोरोक्को, नाइजीरिया जैसे मुल्कों के राजनयिक भी शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो इस प्रतिनिधिमंडल में यूरोपीय संघ के राजनयिक शामिल नहीं हैं, इन्हें बाद में ले जाया जाएगा।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक यूरोपीय संघ के राजनयिक एक समूह में जम्मू एवं कश्मीर पहुंचना चाहते हैं। सीमित संख्या होने के कारण इस सभी को एक साथ ले जाना संभव नहीं था। एक सरकारी सूत्र के मुताबिक, "हम वैश्विक राजनयिकों के एक समूह के साथ हम यूरोपीय संघ के कुछ राजनयिक को जम्मू एवं कश्मीर ले जाना चाहते थे, ना कि यूरोपीय संघ के सभी राजनयिकों को।"
सूत्रों की मानें तो यूरोपीय संघ के कुछ राजनयिकों का कहना है कि यह दौरा बहुत कम वक्त की जानकारी के बाद आयोजित किया गया है। इसलिए यह तय किया गया है कि यूरोपीय संघ के राजनयिकों को बाद की किसी तारीख में घाटी ले जाया जाएगा।
सूत्रों ने आगे बताया, "सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह दल लोगों से चर्चा करने के लिए स्वतंत्र है। लेकिन किसी भी राजनयिक ने हिरासत में लिए गए लोगों से मिलने की इच्छा नहीं जताई है।"
Updated on:
09 Jan 2020 03:56 pm
Published on:
09 Jan 2020 02:14 pm
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