
जम्मू-कश्मीरः सात महीने पहले जिसे बेटे को कब्र में दफनाया, वो जिंदा वापस लौट आया
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में सभी को चौंका देने वाला एक वाक्या सामने आया। यहां पर मेंढर तहसील स्थित कसाब अढ़ी गांव के कब्रिस्तान से शुक्रवार को एक युवक का शव कब्र से बाहर निकालने का आदेश जिला मजिस्ट्रेट राहुल यादव ने दिया। इस युवक को आठ माह पहले कब्र में दफनाया गया था। शुक्रवार को डीएनए सैंपल लेने के बाद इसे वापस कब्र में दफना दिया गया।
शव की पहचान के लिए की गई इस कार्रवाई की वजह यह थी कि आठ माह पहले इस कब्र में जिस युवक को दफना दिया गया था, वह बीते माह अपने घर वापस लौट आया था। सात माह पहले जिस युवक की मौत हो चुकी थी, उसे जिंदा देखकर न केवल परिजन बल्कि पुलिस भी चकरा गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक काफी पहले कसाब अढ़ी गांव निवासी नजामदीन का बेटा मोहम्मद मुजमिल नौकरी की तलाश में घर से चला गया था। उसके जाने के बाद घरवालों को उसका कोई अता-पता ही नहीं मिला और कई माह गुजर जाने के बावजूद कोई संपर्क नहीं हो सका। इस साल मार्च में जम्मू रेलवे लाइन पर एक अज्ञात युवक का शव मिला। रेलवे पुलिस ने इसकी पहचान कराने के लिए अखबारों में फोटो सहित विज्ञापन निकलवाया।
अखबार में छपे विज्ञापन को देख मुजमिल के परिजनों ने उसे अपना बेटा बताते हुए रेलवे पुलिस को आवेदन दिया। कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। 12 मार्च को परिजनों ने पूरे रीति-रिवाजों के साथ मुजमिल के शव को स्थानीय कब्रिस्तान में दफना दिया। इसके बाद परिजन मुजमिल के गम में जीने लगे।
लेकिन वक्त ने करवट ली और अक्टूबर में अचानक एक दिन मुजमिल घर वापस लौट आया। मुजमिल को अपने सामने जिंदा देख परिजन हैरान रह गए। मुजमिल ने बताया कि नौकरी की तलाश में दिल्ली जाते वक्त उसका मोबाइल फोन, पैसे और अन्य सामान चोरी हो गया था, जिसके चलते वह परिवार से संपर्क नहीं कर सका।
परिजनों को एक ओर तो मुजमिल को जिंदा देख खुशी हो रही थी, लेकिन दूसरी तरफ परेशानी भी बढ़ने लगी कि आखिर उन्होंने कब्रिस्तान में किसका शव दफना दिया है। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी और पुलिस ने रेलवे पुलिस तक बात पहुंचाई। तब रेलवे पुलिस ने मेंढर स्थित कसाब अढ़ी गांव में दफन शव की पहचान के लिए कार्रवाई की। 12 नवंबर को एडिशनल सुपरिटेंडेंट रेलवे पुलिस जम्मू की ओर से पुंछ के जिला मजिस्ट्रेट के नाम एक प्रार्थना पत्र भेजा गया। इसमें लिखा था कि शव की पहचान के लिए डीएनए सैंपल लिया जाए।
इसके बाद शुक्रवार को जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर मेंढर के बीएमओ डॉ. परवेज अहमद खान और नायब तहसीलदार तारिफ हुसैन की देखरेख में शव को कब्र से बाहर निकालवाया गया। चार डॉक्टरों की टीम ने शव का डीएनए सैंपल लेकर उसे वापस दफन करवा दिया।
Updated on:
17 Nov 2018 10:56 am
Published on:
17 Nov 2018 10:53 am
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