जम्मू-कश्मीर से अमरनाथ यात्रा के लिए 3,451 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था रवाना

जम्मू-कश्मीर से अमरनाथ यात्रा के लिए 3,451 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था रवाना

जम्मू-कश्मीर से अमरनाथ यात्रा के लिए 3,451 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था रवाना हो गया है। वहीं , यात्रा के दौरान मारे गए यात्रियों के परिजनों को राज्यपाल एन.एन.वोहरा ने तीन-तीन लाख रुपए की सहायता राशि देने की मंजूरी दे दी है।

नई दिल्ली। अमरनाथ यात्रा के लिए 3,451 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था शुक्रवार को जम्मू से रवाना हुआ। पुलिस का कहना है कि भगवती नगर यात्री निवास से 110 वाहनों में सवार ये तीर्थयात्री बालटाल और पहलगाम आधार शिविरों की ओर रवाना हुए।जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल एन.एन.वोहरा ने इस साल यात्रा के दौरान मारे गए तीर्थयात्रियों के परिजनों को तीन-तीन लाख रुपए की सहायता राशि को मंजूरी दी है।

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बारिश और मौसम के बिगड़े मिजाज के बाद देरी से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। बता दें कि बालटाल मार्ग पर बरारीमार्ग-रेलपएथरी क्षेत्र में भूस्खलन की घटना में पांच तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी जबकि तीन तीर्थयात्री सड़क हादसे में मारे गए। वहीं, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़े ट्रक से टकरा जाने से एक वाहन में सवार 13 तीर्थयात्री गुरुवार को घायल हो गए।

भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं

इस काफिले में 3,419 तीर्थयात्री शामिल थे। इस जत्थे में 680 महिलाएं और 201 साधु भी शामिल थे। ये तीर्थयात्री वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए यहां भगवती नगर आधार शिविर से कश्मीर के लिए रवाना हुए थे। लेकिन इन सब के बावजूद बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। बारिश हो या भूस्खलन या फिर अन्य आफते पवित्र गुफा के दर्शन के लिए श्रद्धालु लगाता चढ़ाई कर रहे हैं।

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आसमानी आफत पर भारी पड़ी आस्था

कई दिनों से जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश हो रही है। बारिश के चलते भूस्खलन और पत्थर गिरने की लगार ख़बरे आ रही है, लेकिन बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं आ रही है। बाबा के भक्तों के आगे मौसम को भी झुकना पड़ा है। खराब मौसम और कई जगहों पर भूस्खलन के कारण भी श्रद्धालुओं के पैर नहीं रूर रहे लगातार तीर्थयात्रियों का जत्था दर्शन के लिए रवाना हो रहा है।

 

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