
आतंक पर कश्मीर के राज्यपाल की कड़ी टिप्पणी, कहा- गोली चलाने पर गुलदस्ते की उम्मीद ना करें आतंकी
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में सेना आतंकियों के सफाए में लगी हुई है। सर्च ऑपरेशन चलाकर सेना आतंकिओं का खातमा कर रही है। वहीं, घाटी में आतंकी घटनाओं पर जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सख्त टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि जो आतंकी गोली चलाते हैं, उन्हें इसके बदले में गुलदस्ते की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
आतंकवादियों की जिंदगी ज्यादा नहीं होती
मीडिया से बात करते हुए राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बताया कि मेरे राज्यपाल का पदभार संभालने के बाद जम्मू-कश्मीर में 40 से अधिक आतंकी मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि घाटी में आतंक और पत्थरबाजी का रास्ता थामने वाले युवाओं की संख्या में कमी आई है, ये एक अच्छी बात है। मलिक ने कहा कि आतंकवादियों की जिंदगी ज्यादा नहीं होती। उन्हें अपने किए की सजा जरूर मिलती है।मलिक ने कहा कि वह काफी संतुष्ट हैं कि इस मोर्चे पर चिंताजनक हालात नहीं है।
13-20 वर्ष के युवा काफी परेशान
राज्यपाल ने आगे कहा कि कश्मीर में आतंक के मुद्दे पर मैंने तमाम लोगों और प्रतिनिधियों से मुलाकात की है। इन लोगों से बात करने के बाद मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि 13-20 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों की चिंताओं को दूर करना ज्यादा जरूरी है। इस उम्र के युवा वर्ग काफी परेशान हैं। उनकी चिंताओं को पहले दूर करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कश्मीर के ये युवा सिर्फ नई दिल्ली (केंद्र सरकार) से ही नाराजा नहीं है, बल्कि पाकिस्तान, स्थानीय राजनीतिक दल और हुर्रियत से भी नाराज हैं।
घाटी के लोगों के साथ संपर्क स्थापित करने की जरूरत
सत्यपाल मलिक ने कहा कि उन्हें अपना भविष्य अंधकार में दिखता है, उन्हें आशा की कोई किरण नहीं नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि घाटी के लोगों के साथ संपर्क स्थापित करने की जरूरत है। साथ ही उनकी आकांक्षाओं के अनुरूप काम करना होगा ताकि वे समझ सकें कि केंद्र उनके खिलाफ नहीं है।
Updated on:
18 Oct 2018 11:37 am
Published on:
18 Oct 2018 11:37 am
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