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काचीगुडा रेलवे स्टेशन बना देश का पहला ऊर्जा कुशल स्टेशन

स्टेशन को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए तीन महीने में लगाए जाएंगे 400 पावर सेविंग सोलर पैन।

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kacheguda station,kacheguda railway station

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दक्षिण-मध्य रेलवे (एससीआर) के अतर्गत पड़ने वाले काचीगुडा रेलवे स्टेशन को देश का पहला ऊर्जा कुशल स्टेशन घोषित किया गया है। इसे ए1 श्रेणी में रखा गया है। अब एक कदम और आगे बढ़ाते हुए रेलवे एससीआर जोन के अंतर्गत आने वाले सभी स्टेशनों पर एलईडी लाइट्स लगाने की तैयारी कर रहा है।
एससीआर के चीफ पब्लिक रिलेशन अफसर उमा शंकर ने कहा कि दक्षिण-मध्य रेलवे जोन के अंतर्गत आने वाले स्टेशनों पर एनर्जी बचाने के लिए कई तरह के कदम उठाए गए हैं। अब इससे आगे बढ़ते हुए जोन के अतर्गत आने वाले सभी स्टेशनों पर भी एलईडी लाइटें लगाने की योजना पर काम कर रहे हैं। आशा है मार्च 2018 तक ये काम भी पूरा कर लिया जाएगा।

बता दें, दक्षिण-मध्य रेलवे के अंतर्गत हैदराबाद डिवीजन में पड़ने वाले काचीगुडा रेलवे स्टेशन को आधिकारिक तौर पर देश का पहला ऊर्जा कुशल स्टेशन घोषित किया गया है। इसे ए1 श्रेणी में रखा गया है। रेलवे की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि ये सौ फीसदी एनर्जी एफीशिएट स्टेशन है। यहां 1312 साधारण बल्बों को एलईडी बल्बों से बदला गया है। साथ ही 370 पंखों को भी ब्रशलेस डीसी इलक्ट्रिकल मोटर वाले पंखों से बदला गया है। ये तकनीक एनर्जी सेव करने में महत्वपूर्ण है। एनर्जी बचाने वाले इनवर्टर जैसे 12 एयरकंडीशनर लगाए गए हैं। इससे सालाना 1.76 लाख युनिट बिजली बचाई जा सकेगी, जिसकी कीमत 14.08 लाख रुपए बनती है। इससे रेलवे पर से 46.18 किलोवाट बिजली का बोझ कम होगा।

काचीगुडा के स्टेशन डायरेक्टर गुरविंदर सिंह का कहना है कि स्टेशन को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अगले तीन महीने में 400 पावर सेविंग सोलर पैन लगाए जाने हैं। बता दें, भारतीय रेलवे दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है। एक लाख पंद्रह हजार किलोमीटर फैले ट्रेक 8500 स्टेशनों को आपस में जोड़ते हैं। यूएनडीपी की एक रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे में हर साल बढ़ रही बिजली की जरूरत को कम करने के लिए रेलवे एनर्जी बचाने की विशेष योजना पर काम कर रहा है। साल 2032 तक इसमें 10 प्रतिशत एनर्जी की खपत कम करने का लक्ष्य रखा गया है।