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कर्नाटक सरकार 8 जून से खोलेगी धार्मिक, होटल और रेस्त्रा, जारी की गाइडलाइन

Karnataka Govt का बड़ा फैसला 8 जून से Temple, Hotel समेत कई क्षेत्र में हटेगी पाबंदियां महाराष्ट्र से आने वाले प्रवासियों का Institutional Quarantine में जाना होगा अनिवार्य

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Dheeraj Sharma

Jun 01, 2020

Karnataka Govt will open temple hotel from 8 june

कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला, 8 जून से धार्मिक स्थल, होटल आदि खोलने की तैयारी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ( Central Govt ) की ओर से लॉकडाउन ( Lockdown ) को खत्म करने के बाद अनलॉक-1 ( Unlock 1.0 ) लागू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों ने अपने प्रदेश के हालातों के मुताबिक अनलॉक-1 को लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में कर्नाटक सरकार ( Karnataka Govt ) ने भी एक हफ्ते बाद यानी 8 जून से प्रदेश में धार्मिक स्थल ( Temple ), होटल ( Hotel ) और रेस्त्रां ( Restaurants ) को खोलने की तैयार कर ली है।

कर्नाटक की येदियुरप्पा सरकार ( Yeddyurappa Govt ) ने लॉकडाउन को लेकर गाइडलाइन जारी की है। इसमें कहा है कि 8 जून से प्रदेश में कई क्षेत्रों में समयबद्ध तरीके से छूट दी जाएगी। इसके तहत 8 जून से प्रमुख रूप से धार्मिक स्थलों को खोलने की तैयारी कर ली गई है।

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कर्नाटक की येदियुरप्पा सरकार ने जारी गाइडलाइन में साफ किया है कि जिन क्षेत्रों में छूट दी जा रही है, वहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही फेस मास्क और सैनिटाइजर जैसी जरूरी चीजों को साथ में रखना होगा।

आपको बता दें कि कर्नाटक ने कोरोना संक्रमण के फैलाव को प्रदेश में काफी हद तक नियंत्रित कर लिया था। लेकिन रविवार को एक बार फिर प्रदेश में एक ही दिन में 299 नए सामने आए हैं। इन नए मामलों में सबसे ज्यादा 80 फीसदी केस महाराष्ट्र से आए प्रवासियों को बताए जा रहे हैं।

ये ज्यादातर प्रवासी श्रमिक थे, जो महाराष्ट्र की सीमा के पार उत्तरी कर्नाटक के यादगीर, उडुपी, बेलागवी या बीदर के अपने मूल जिलों में लौट आए थे। वास्तव में, यह अब दो सप्ताह से अधिक समय से लगातार हो रहा है कि महाराष्ट्र के लौटे लोगों में से लगभग 80 प्रतिशत ताजा मामले सामने आ रहे हैं।

कर्नाटक सरकार ने अब तक जो तीन अहम राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे उच्च जोखिम वाले राज्यों से आने वाले प्रवासियों को अनिवार्य रूप से इंस्टीट्यूटशनल क्वारंटीन के लिए भेजा जा रहा है।

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वहीं रविवार को महाराष्ट्र से आने वाले सभी प्रवासियों को सात दिन के लिए अनिवार्य रूप से इंस्टिट्यूशनल क्वारंटीन के लिए भेजे जाने का निर्देश जारी किया गया है। जबक अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन के लिए कहा गया है।

महाराष्ट्र या किसी अन्य राज्य से यात्रियों को उनके गंतव्य राज्य के लिए यात्रा टिकटों का प्रमाण दिखाना होगा।
व्यवसाय यात्रियों के लिए क्वारंटीन नियमों का पालन करने की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन आगमन से सात दिनों के भीतर पुष्टि वापसी टिकट दिखाना होगा।

इसके साथ ही अपने मूल राज्य के पते का प्रमाण देना होगा। महाराष्ट्र के व्यवसायी - सड़क, रेल या उड़ान से - कोविद-निगेटिव सर्टिफिकेट लाने की जरूरत है। जो कर्नाटक की यात्रा से दो दिन से अधिक पुराने नहीं हैं उन्हें क्वारंटीन की जरूरत नहीं होगी। लेकिन जो इससे ज्यादा समय के लिए यात्रा कर के लौटे हैं उन्हें अनिवार्य रूप से इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन के लिए जाना होगा। इसका खर्च भी लोगों को खुद ही वहन करना होगा।