
कश्मीर: आतंकी संगठनों को कश्मीरी युवाओं का मुंहतोड़ जवाब, 15 युवाओं ने छोड़ा आतंक का रास्ता
नई दिल्ली। पिछले कुछ समय में कश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियों में कमी के संकेत मिले हैं। दक्षिण कश्मीर के आतंकवाद प्रभावित इलाकों से 15 युवाओं ने इस दिशा में आतंक का रास्ता छोड़ मुख्यधारा से जुड़कर नई जिंदगी की शुरुआत करने का फैसला लिया है। युवाओं के इस फैसले से आतंकी संगठनों को झटका लगा है। युवाओं के इस कदम से आतंकी संगठनों का नैतिक बल कमजोर हुआ है।
आतंक के लिए सोशल मीडिया जिम्मेदार
आईजी कश्मीर का कहना है कि आतंकी घटनाओं को अगर समग्र रूप से देखा जाए तो दक्षिण कश्मीर के आतंकवाद प्रभावित इलाकों में आतंकी हिंसा में कमी आई है। दक्षिण कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है। लेकिन सोशल मीडिया और शरारती तत्वों के दुष्प्रचार से गुमराह होकर युवक आतंकी संगठनों में जाते हैं। हम उन्हें आतंकवाद के रास्ते पर जाने से रोकने के लिए कई कदम उठा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर सोशल मीडिया पर भी सख्ती से नजर रखने का काम किया जाएगा।
भटके युवाओं के लिए काउंसलिंग सुविधा
घाटी में कार्यरत वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जो युवा आतंक की राह छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ना चाहेंगे हम उन्हें काउंसलिंग की सुविधा भी प्रदान करेंगे। ताकि तेजी से मुख्यधारा का हिस्सा बनकर बेहतर जिंदगी जी सकें। एक अधिकारी ने बताया कि हंदवाड़ा में पिछले दिनों पकड़े गए अल बदर के चार युवकों के बारे में उन्होंने कहा कि यह युवक गुलाम कश्मीर की तरफ जा रहे थे। चारों से पूछताछ की जा रही है। हम इन्हें पर्याप्त काउंसलिंग प्रदान करेंगे। उम्मीद है कि यह लड़के अपनी भूल सुधार कर एक बार फिर सामान्य रूप से अपनी जिंदगी बेहतर बनाने की दिशा में अग्रसर होंगे।
131 युवा बने आतंकी
इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आइजीपी) कश्मीर एसपी पाणि ने इस बात का दावा किया है। उन्होंने बताया है कि दक्षिण कश्मीर में कुछ महीनों के दौरान 15 युवकों ने आतंकवाद का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में शामिल होकर एक नई जिंदगी शुरू की है। आईजी कश्मीर का बयान उस समय आया है जब दक्षिण कश्मीर आतंकियों की नर्सरी के रूप में कुख्यात होता जा रहा है। इस वर्ष कश्मीर घाटी में अब तक 131 लड़के आतंकी बने हैं। उन्होंने कहा कि यह सही है कि कश्मीर में कुछ वर्षो में आतंकी संगठनों में स्थानीय लड़कों की भागेदारी बढ़ी है, लेकिन कुछ महीनों में हम दक्षिण कश्मीर में 15 लड़कों को उनके परिजनों और दोस्तों की मदद से तबाही के रास्ते से वापस लाने में कामयाब रहे हैं। इन लड़कों ने आतंकवाद से नाता तोड़ मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया है। राज्य पुलिस इन युवकों के पुनर्वास के लिए हर संभव सहयोग कर रही है। शासन और प्रशासन के सहयोग से अब यही युवा सभी के सामने नई मिसाल पेश करेंगे।
Published on:
28 Aug 2018 12:45 pm
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