केरल में भीषण तबाही के बाद अब बात पुनर्निर्माण की, राज्य सरकार को चाहिए 30,000 करोड़ रुपए

केरल में भीषण तबाही के बाद अब बात पुनर्निर्माण की, राज्य सरकार को चाहिए 30,000 करोड़ रुपए

वित्त मंत्री ने कहा कि हमें पूंजीगत व्यय के लिए 20,000 करोड़ रुपये और राजस्व व्यय के लिए 10,000 करोड़ रुपये की जरूरत है।

तिरुवनंतपुरम। केरल में भीषण तबाही के बाद अब जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। हालात सामान्य की तरफ बढ़ रहे हैं, लेकिन बाढ़ की वजह से राज्य में जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई करना राज्य सरकार के बड़ा मुश्किल नजर आ रहा है। दरअसल, केरल के पुनर्निर्माण के लिए करीब 30 हजार करोड़ रुपए का खर्चा होना है जो राज्य सरकार के सामने एक चुनौती बना हुआ है।

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राज्य सरकार को जरूरत है 30 हजार करोड़ रुपए की

सोमवार को केरल के वित्त मंत्री थॉमस इसाक ने बताया कि केरल के पुनर्निर्माण के लिए राज्य सरकार को करीब 30 हजार करोड़ रुपए की जरूरत है। न्यूज एजेंसी को दिए एक बयान में उन्होंने कहा है, 'हमें पूंजीगत व्यय के लिए 20,000 करोड़ रुपये और राजस्व व्यय के लिए 10,000 करोड़ रुपये की जरूरत है। पूंजीगत व्यय का इस्तेमाल सड़कों, पुलों, इमारतों के पुनर्निर्माण में किया जाएगा, जबकि राजस्व व्यय का इस्तेमाल कृषि फसलों व इसके अलावा घरों के नुकसान के मुआवजे और बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार को 10,000 रुपये देने में होगा।

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10 हजार करोड़ रुपए की सहायता मिलने की है उम्मीद

वित्त मंत्री थॉमस इसाक ने कहा, 'सार्वजनिक योगदान के जरिए 6,000 करोड़ रुपये नकद मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा अन्य 4,000 करोड़ रुपये महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन जैसे व अन्य केंद्र द्वारा प्रायोजित योजनाओं से मिलेंगे।'

केंद्र सरकार पर भी निर्भर है राज्य सरकार

अन्य 20,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए इसाक ने कहा कि राज्य, केंद्र से संपर्क करेगा और उन पर उधार देने व इस तरह के दूसरे तरीकों की मंजूरी देने के लिए दबाव बनाएगा। इसाक ने सोमवार को विशेष लॉटरी लॉन्च की। लॉटरी के हर टिकट की कीमत 250 रुपये है। इसका ड्रॉ 3 अक्टूबर को निकाला जाएगा। इससे 100 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है।

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