scriptकेरल हाईकोर्ट ने कहा, लिव-इन को कभी वैवाहिक रिश्ता नहीं मान सकते | Kerala High court says, live in relationship is not equal to marriage | Patrika News
विविध भारत

केरल हाईकोर्ट ने कहा, लिव-इन को कभी वैवाहिक रिश्ता नहीं मान सकते

केरल हाईकोर्ट ने कहा कि लिव-इन को कभी भी वैवाहिक रिश्ता नहीं माना जा सकता है और विवाहित पत्नी के अधिकार लिव-इन रिलेशनशिप पार्टनर से कही अधिक मान्य है।

Jun 26, 2021 / 08:42 am

सुनील शर्मा

Live in Relation

लिव इन में रहने वाली महिला ने अपने पार्टनर पर दर्ज कराया दुष्कर्म का केस

नई दिल्ली। केरल हाईकोर्ट ने एक पुरुष के साथ वैध विवाह के अलावा लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही दूसरी महिला के मामले में कहा है कि लिव-इन रिलेशनशिप में रही एक महिला का कानूनी दावा कभी विवाहित पत्नी से बेहतर दावा नहीं हो सकता है। हाईकोर्ट ने कहा कि लिव-इन को कभी भी वैवाहिक रिश्ता नहीं माना जा सकता है।
यह भी पढ़ें

PM मोदी करेंगे अयोध्या के विकास कार्यों की समीक्षा, वर्चुअल मीटिंग में सीएम योगी समेत 13 सदस्य होंगे शामिल

जस्टिस ए. मोहम्मद मुस्ताक और कौसर एडप्पागथ की खंडपीठ ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप में साथी को देखभाल और घरेलू हिंसा कानूनों के दायरे में तो लाया जा सकता है, लेकिन ऐसे रिश्तों को वैवाहिक नहीं माना जा सकता है।
यह भी पढ़ें

मुंबई हमले का आरोपी तहव्वुर राणा अभी अमरीका में ही रहेगा, कोर्ट ने 15 जुलाई तक मांगे दस्तावेज

कोर्ट लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही अपीलकर्ता महिला के मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें फैमिली कोर्ट ने उसे दिवंगत सरकारी कर्मचारी की पत्नी होने के दावे के तहत पेंशन और अन्य मृत्यु लाभों से वंचित कर दिया था। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का यह फैसला बरकरार रखा है।
उल्लेखनीय है कि इन दिनों लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर कोर्ट में कई तरह के जटिल मामले आ रहे हैं। इन मामलों की सुनवाई के दौरान ही कोर्ट इन पर इस तरह के फैसले दे रहे हैं जो आगे चलकर संबंधित मामलों में एक गाइडलाइन की तरह उपयोग किए जा सकेंगे। अभी हाल ही में इसी तरह का एक अन्य मामला भी सामने आया था जिसमें विवाहित पत्नी की मृत्यु के बाद लिव-इन पार्टनर ने मृतक साथी की पेंशन व अन्य लाभों पर अपना हक जताते हुए कोर्ट से उन सभी लाभों को दिलाने की प्रार्थना की थी। मृतका का पति सरकारी विभाग से रिटायर्ड था तथा उसकी पत्नी की कैंसर से मृत्यु हो चुकी थी। परन्तु पत्नी की मृत्यु से पूर्व उसकी सहमति से उसने पत्नी की बहन के साथ ही लिव-इन रिलेशनशिप में रहना शुरू कर दिया था।

Hindi News/ Miscellenous India / केरल हाईकोर्ट ने कहा, लिव-इन को कभी वैवाहिक रिश्ता नहीं मान सकते

loksabha entry point

ट्रेंडिंग वीडियो