
जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला बिन अल-हुसैन द्वितीय आज से भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। आज वे भारत पहुंचेंगे। इस दौरान वे प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे। इसमें दोनों देशों के भिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत होगी और कई महत्वपूर्ण मामलों पर समझौते हो सकते हैं। राष्ट्रपति भवन में शाह अब्दुल्ला के सम्मान में भोज भी रखा है, जिसकी मेजबानी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे। बता दें, किंग अब्दुल्ला भारत के विशेष निमंत्रण पर भारत आ रहे हैं। उनके साथ कारोबारी शिष्टमंडल भी आ रहा है।
PM जब फिलीस्तीन गए थे, तो जॉर्डन भी रुके थे, जहां पर उन्होंने किंग अब्दुल्ला से मुलाकात की थी। इसी दौरान उन्होंने किंग को भारत आने का आमंत्रण दिया था।
इस्लाम की विरासत पर करेंगे बात
भारत की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान सुल्तान इस्लाम की विरासत पर वक्तव्य देंगे, जो विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसका कारण यह है कि शाह अब्दुल्ला पैगंबर मोहम्मद साहब के हैं। वे पैगंबर साहब की 41वीं पीढ़ी से हैं। सुल्तान को आतंकवाद और चरमपंथ के विरोध में जैसे कार्यों के लिए भी जाना जाता है। वे यरुशलम स्थित पवित्र मस्जिद अल-अक्सा के संरक्षक भी हैं।
जानकार किंग की यह यात्रा दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण मान रहे हैं। उनका मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच संबंधों के और गहरा होने की उम्मीद है। साथ ही दोनों देशों के बीच इस दौरान रक्षा सहयोग को बढ़ाने के लिए ब्लूप्रिंट भी तैयार हो सकता है। बता दें, पश्चिमी एशियाई देशों में लगातार संघर्ष चलता रहता है, लेकिन जॉर्डन के स्थायित्व की सराहना भारत भी करता है।
विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार- 28 फरवरी को किंग अब्दुल्ला आईआईटी दिल्ली जाएंगे। इस दौरान दोनों देशों के तकनीकी सहयोग पर भी बात हो सकती है। किंग फिक्की, सीआईआई और एसोचैम के सहयोग से आयोजित सीईओ सम्मेलन में भी शामिल होंगे। एक मार्च को इंडिया इस्लामिक सेंटर की ओर से विज्ञान भवन में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें वे इस्लाम की विरासत पर अपनी बात रखेंगे। उल्लेखनीय है कि भारत और जॉर्डन के बीच 1950 से मैत्रीपूर्ण राजनयिक संबंध हैं।
Published on:
27 Feb 2018 10:12 am
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