किसानों का रेल रोको आंदोलन आज, तैनात की गईं RPSF की 20 अतिरिक्त कंपनियां

  • नए कृषि कानूनों के विरोध में रेल रोककर विरोध जताएंगे किसान
  • अन्नदाताओं को माला पहनाकर रोकी जाएगी ट्रेनें
  • दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक चलेगा अभियान

नई दिल्ली। नए कृषि कानूनों ( Farm Law ) के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों का आंदोलन ( Kisan Andolan )85वें दिन भी जारी है। 18 फरवरी को किसानों ने इस आंदोलन को तेज करते हुए ट्रेनों के चक्के ( Rail Roko Abhiyan ) जाम करने का ऐलान किया है। दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक रेल रोक कर अपना विरोध जताएंगे।

किसान नेताओं के मुताबिक इस दौरान यात्रियों को चाय पिलाई जाएगी। बीच रास्ते में ट्रेनें रोकने की बजाय सिर्फ स्टेशनों पर रोका जाएगा। किसानों के ऐलान के बाद बुधवार को दिल्ली, हरियाणा और यूपी से सटे स्टेशनों पर आरपीएफ ने चौकसी बढ़ा दी है। 20 अतिरिक्त कंपनियां भी तैनात की गई हैं।

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माला पहनाकर रोकी जाएंगी ट्रेनें
ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसा के बाद किसानों ने रेल रोको आंदोलन में शांति का खास ख्याल रखा है। इसके ततहत रेलगाड़ियों को रोकने के दौरान अन्नदाताओं को माला पहनाई जाएगी।

इसलिए चुना दिन का वक्त
किसान नेताओं के मुताबिक रेल रोको आंदोलन के लिए दिन के वक्त चुनने की खास वजह है। दरअसल दिन के समय कम ट्रेन आवाजाही करती हैं, इसलिए दिन के चार घंटों के लिए चुना गया है।

शांतिपूर्ण तरीके से हो रेल रोको अभियान
रेल अधिकारियों के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों और कुछ अन्य क्षेत्रों पर हमारा ध्यान केंद्रित रहेगा। हमने इन क्षेत्रों में रेलवे सुरक्षा विशेष बल (आरपीएसएफ) की 20 कंपनियों को तैनात किया है।'

रेलवे ने किसानों से अनुरोध किया है कि उनके रेल रोको से यात्रियों को कोई असुविधा नहीं हो।

बढ़ाई गई चौकसी
रेलवे ने किसान आंदोलन के चलते चौकसी बढ़ा दी है। बॉर्डर से सटे ट्रैक, सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर के आसपास के स्टेशनों जैसे नरेला, आनंद विहार टर्मिनल, शाहदरा आदि के आसपास आरपीएफ कर्मी नजर बनाए हुए हैं।

यहां ट्रैक पर गश्त बढ़ाई गई है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक रेल यातायात अपने तय समय पर चलेगा।
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उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान
रेलवे संचालन में बाधा डालने को लेकर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। रेलवे संचालन में अगर कोई किसी तरह की बाधा डालता है तो उसके खिलाफ रेलवे ऐक्‍ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

इसके तहत ट्रेन पर किसी तरह का सामान फेंका जाए या पटरी को नुकसान पहुंचा तो दोषी को रेलवे ऐक्‍ट की धारा 150 के तहत उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।

वहीं धारा-174 के मुताबिक ट्रैक पर बैठकर या कुछ रखकर ट्रेन रोकी जाती है तो दो साल की जेल या 2,000 रुपए के जुर्माने या फिर दोनों सजा हो सकती है।

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धीरज शर्मा
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