
नई दिल्ली। अगर आपको कहीं एक साथ सैकड़ों की तादाद में बंदर मिल जाएं तो सबसे पहले आपके ज़हन में क्या आएगा। हमारा अंदाज़ा है कि आप एक साथ इतने सारे बंदर देखकर बुरी तरह से डर जाएंगे और पूरी कोशिश करेंगे कि कैसे भी करके वहां से भाग लिया जाए। इसके अलावा बात की जाए बंदरों के स्वभाव की तो आमतौर पर बंदर शांत स्वभाव के ही होते हैं। लेकिन अलग-अलग जगहों के बंदर झपटमार और खूंखार भी होते हैं। लेकिन आज हम बंदरों की उस टोली के बारे में बात करने जा रहे हैं जो एक शख्स को अपना देवता यानि भगवान हनुमान मानते हैं।
जिस शख्स के बारे में हम बात कर रहे हैं वह धरती पर हनुमान तो नहीं लेकिन उनसे कम भी नहीं है। क्योंकि जिस तरीके से बंदरों की टोली उनके साथ मज़े लूटती है उससे तो यही लगता है कि वो शख्स ही हनुमान हैं। बंदरों के इस देवता के बारे में बताया जाता है कि ये उन्हीं के साथ सोता है, उन्ही के साथ उठता है, उन्हीं के साथ खेलता है, उन्हीं के साथ खाता है, उन्हीं के साथ पीता भी है। लेकिन इस पूरी कहानी में सबसे खास बात यह है कि बंदरों का यह फरिश्ता लोगों से भीख मांगकर उनका पेट भी भरता है।
बंदरों के मसीहा कहे जाना वाला यह शख्स यूपी के रायबरेली का रहने वाला है। जिसका नाम कृष्ण कुमार मिश्र है। इतना ही नहीं कृष्ण कुमार अपनी बीवी के तानों को भी अनसुना करते हुए बंदरों के लिए घर में ही रोटियां बनाते हैं। जी हां कृष्ण कुमार की भी पत्नी है जो आमतौर पर सभी की पत्नियों की तरह ही हैं और अपने पति पर समय-समय अपना कहर ढाती रहती हैं। बताया जाता है कि बंदरों का यह फरिश्ता अपने जीवन के करीब 40 साल उनकी सेवा में निकाल दिए जो लगातार अभी भी जारी है।
Published on:
19 Nov 2017 01:58 pm
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