वरिष्‍ठ पत्रकार कुलदीप नैयर आरएसएस और भाजपा की विचारधारा के मुखर आलोचक रहे हैं ।
नई दिल्ली। इसी साल 26 जून को आपातकाल की याद में आयोजित एक कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लोकतंत्र की लड़ाई के लिए इमरजेंसी के खिलाफ डटे रहने पर कुलदीप नैयर और दिवंगत रामनाथ गोयनका का नाम लिया था। उन्होंने कहा था कि आपातकाल के दौरान दोनों इंदिरा के विचारों के खिलाफ डटे रहे। उन्होंने नैयर जी को बुद्धिजीवी बताया और कहा कि वरिष्ठ पत्रकार को उनके निर्भीक विचारों के लिए हमेशा याद किया जाएगा। आज उनके निधन के बाद पीएम ने कहा कि मैं, उनके निधन से दुखी हूं। बता दें कि नैयर आरएसएस और भाजपा की विचारधारा के मुखर आलोचक रहे हैं ।
कुलदीप जी को मेरा सलाम
पीएम मोदी ने 26 जून को कहा था कि वे मेरे आलोचक रहे हैं लेकिन नैयर ने लोकतंत्र के लिए लड़ाई लड़ी है और इसके लिए मेरा उनको सलाम है। उस दिन मोदी के मुंह से अपने लिए यह बातें सुनकर नैयर हैरान रह गए थे।
हां, मैं उनका आलोचक हूं
तब उन्होंने कहा था कि पीएम ने सही कहा है कि मैं उनका आलोचक हूं लेकिन इसमें कुछ व्यक्तिगत नहीं है। बल्कि हम दोनों की विचारधारा अलग है। मोदी कट्टर हिंदू हैं तो मैं गहराई से धर्मनिरपेक्ष हूं।
उनकी सक्रियता चौंकाने वाली
हाल ही में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने संपर्क फॉर समथर्न के तहत उनसे मुलाकात भी की थी। तब शाह ने भी नैयर की प्रशंसा की थी। उन्होंने ट्वीट किया था कि जाने-माने पत्रकार एवं राज्यसभा के पूर्व सदस्य कुलदीप नैयर की इस उम्र में भी उनके ऊर्जा स्तर को देखकर प्रसन्नता होती है। वह 95 की उम्र में भी काफी सक्रिय थे। आपको बता दें कि वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का बुधवार को आधी रात के बाद दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे। अपने विचारों को दृढ़ता के साथ रखने के लिए जाने जाते थे।