
उत्तराखंड: बंद हुआ ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला पुल, जानिए क्या है कारण
नई दिल्ली। उत्तराखंड ( Uttarakhand ) के प्रमुख पर्यटन स्थल ऋषिकेश ( Rishikesh ) की पहचान बन चुके लक्ष्मण झूला पुल ( Lakshman Jhula ) को बंद कर दिया गया है। पुल बंद करने के पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पुल और अधिक भार सहन नहीं कर सकता है।
प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से किया पुल
गंगा नदी पर बने ऋषिकेश के प्रतिष्ठित लक्ष्मण झूला पुल पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों द्वारा नदी को पार करने के लिए उपयोग में लाया जाता था। अधिक चहल पहल की वजह से गुजरने वालों को खतरा बना हुआ था। इसकी वजह से 12 जुलाई से सुरक्षा कारणों के मद्देनजर लोगों के लिए बंद कर दिया गया।
अधिक भार सहन नहीं कर सकता पुल
Uttarakhand के अतिरिक्त मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि पुल के कुछ हिस्से खराब स्थिति में थे और वह पैदल यात्रियों के भार को सहने में असमर्थ था। उन्होंने बताया कि तत्काल प्रभाव से यातायात को इसलिए बंद कराया गया, क्योंकि इसके गिरने से किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है।
96 साल पुराना है लक्ष्मण झूला
लक्ष्मण झूला पुल का निर्माण ब्रिटिश काल में हुआ था। 1923 में बना यह पुल शहर में आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए बड़ा आकर्षण का केंद्र है। 96 साल पुराना यह पुल टिहरी जिले में तपोवन गांव को नदी के पश्चिमी तट पर स्थित पौड़ी जिले के जोंक से जोड़ता है।
क्यों पड़ा लक्ष्मण झूला नाम
ऐसी मान्यता है कि राम के छोटे भाई लक्ष्मण ने इसी जगह से गंगा को पार किया था। इसके लिए उन्होंने जूट की रस्सियों का सहारा लिया था। ये पुल उसी स्थान पर बना हुआ है। इसी वजह से इसका नाम लक्ष्मण झूला रखा गया।
Updated on:
12 Jul 2019 07:17 pm
Published on:
12 Jul 2019 05:58 pm
बड़ी खबरें
View Allविविध भारत
ट्रेंडिंग
