नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया लालू यादव ने बिहार में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में बयान भी दिए, लेकिन हद तो तब हो गई, जब उन्होंने कहा कि आप लोग भाग्यशाली हैं कि गंगा मइया आपके घर और रसोई तक पहुंच गई हैं।
लालू यादव ने बाढ़ पीडि़तों से कहा कि हर किसी को आजकल गंगा का जल नहीं मिलता। आप लोग भाग्यशाली हैं, गंगा सबको बचाएगी। आप भाग्यशाली है कि गंगा आपके घर आई है। भगवान से मनाइए कि बाढ़ खत्म हो। उन्होंने कहा कि आप लोग हमेशा कहते रहते थे गंगा एक हाथ नीचे है, नीचे है। पांच साल से बाढ़ नहीं आया और देखिए इस साल बाढ़ आ गई। खैर, अब गंगा मइया को पूजिए और उनसे और तकलीफ नहीं देने की प्रार्थना कीजिए। गारंटी है कि वह वापस चली जाएंगी।
नीतीश कुमार ने की प्रधानमंत्री से मुलाकात
उधर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर विशेषज्ञों की टीम भेजने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बिहार में गंगा की हालत देखकर रोने का मन करता है। इस नदी में सिल्ट की प्रॉब्लम को खत्म करने से ही हर साल आने वाली बाढ़ से निजात पाई जा सकती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को राज्य में आई बाढ़ की स्थिति की विस्तार से जानकारी दी और और गंगा नदी में जमा सिल्ट (गाद) प्रबंधन के लिए स्थायी और ठोस उपाय करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में गंगा नदी में फरक्का बराज के निर्माण के कारण नदी में भारी मात्रा में गाद जमा हो गया है और उसका असर अब पटना तक हो रहा है। उन्होंने कहा कि फरक्का बराज के निर्माण के समय कहा गया था कि इससे नदी में गाद जमा नहीं होगी, लेकिन अब देखा जा रहा है कि यह एक गंभीर समस्या हो गई है। बराज के निर्माण के पूर्व गंगा में तेज प्रवाह था और पानी के तेज बहाव के कारण गाद समुद्र में चला जाता था।
बाढ़ से अब तक 90 से ज्यादा लोगों की मौत
बता दें कि गंगा और सोन नदी में आए उफान से 12 जिलों के दियारा और निचले इलाकों के 24 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ से अब तक 90 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है । सबसे अधिक भोजपुर जिले में जहां 12 लोगों की मौत हुई है, वहीं इन जिलों में फसलों को भी नुकसान हुआ है। औरंगाबाद जिले में पुनपुन नदी में नाव समेत 18 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। नाव में 25 लोग सवार थे। 7 को बचा लिया गया। पटना में भी डूबने से 7 की मौत हो गई। सूत्रों ने बताया कि इन्द्रपुरी बराज से लगभग पांच लाख क्यूसेक पानी फिर से सोन नदी में छोड़ा गया है । इसी के मद्देनजर सोन नदी के निकटवर्ती जिलों को सतर्क कर दिया गया है। इससे पूर्व इन्द्रपुरी बराज से सोन नदी में 7 लाख 71 हजार से अधिक क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।