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कठुआ गैंगरेप केस: वकील को है रेप और जान का खतरा, सुनवाई आज से

यह मामला धार्मिक रंग लेने के साथ हिंदू-मुस्लिम की लड़ाई में तब्‍दील होता जा रहा है।

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deepika s rajawat

नई दिल्‍ली। कठुआ गैंगरेप और हत्या के मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ आज से सुनवाई शुरू होगी। दूसरी तरफ पीडि़त परिवार की वकील दीपिका एस राजावत ने खुद के साथ अनहोनी की आशंका जताई है। उन्‍होंने बताया है कि उनके साथ भी रेप हो सकता है या आरोपी पक्ष के लोग उनकी हत्‍या भी करा सकते हैं। आपको बता दूं कि जनवरी में कुछ लोगों ने आठ साल की एक लडकी को एक सप्ताह तक कठुआ जिले के एक गांव के मंदिर में बंधक बनाकर रखा। इस दौरान लोगों ने उसके साथ लगातार दुष्‍कर्म किया और बाद की उसकी हत्‍या कर दी।

पीडि़त परिवार के वकील का आरोप
बच्ची के परिजनों की तरफ से केस लड़ रही वकील दीपिका एस राजावत ने धमकियां मिलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा है कि मुझे नहीं पता कि मैं कब तक जिंदा रहूंगी। मेरे साथ दुष्कर्म हो सकता है या हत्या भी हो सकती है। मुझे रविवार को धमकी मिली थी कि तुम्हें माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वह सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताएंगी कि उनकी जान खतरे में है।

2 सिख पब्लिक प्रॉक्‍सीक्‍यूटर नियुक्त
कठुआ गैंगरेप मामले में आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। एसआईटी ने उसके खिलाफ अलग से चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले में कठुआ के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सात आरोपियों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट सेशंस कोर्ट को भेजेंगे। वहीं नाबालिग के खिलाफ उन्हीं के कोर्ट में सुनवाई चलेगी। इस संवेदनशील केस के हिंदू-मुस्लिम का रंग लेते देख राज्य सरकार ने पैरवी के लिए सिख समुदाय के दो स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर नियुक्त किए हैं।

मुख्‍य साजिशकर्ता की बेटी ने की सीबीआई जांच की मांग
कठुआ कांड का कथित मुख्य साजिशकर्ता सांझी राम के परिवार ने इस मामले की सीबीआई से जांच की मांग की है। आरोपी परिवार वालों का कहना है कि अगर सीबीआई जांच में सांझी राम और उसके बेटे दोषी साबित होते हैं तो उन्‍हें सरेआम फांसी दे देना। भूख हड़ताल पर बैठी सांझी राम की बेटी ने कहा कि बच्ची को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच की मांग को मीडिया दोषियों को बचाने और जांच में रुकावट डालने की कोशिश क्यों दिखा रहा है। आरोपी की बेटी ने इस मामले में मीडिया पर पक्षपातपूर्ण तरीके से खबरों को कवर करने का आरोप लगाया है। उन्‍होंने कहा कि मीडिया को जमीनी सचाई का न तो पता है और नही वो इसे जानना चाहता है।

मंत्रियों के इस्तीफे सीएम ने किए मंजूर
आपको बता दें कि दुष्कर्म के आरोपियों के समर्थन में हुई रैली में जाकर विवादों में घिरे भाजपा के दोनों मंत्रियों के इस्तीफे सीएम महबूबा मुफ्ती ने रविवार को मंजूर कर लिया। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि मंत्री लाल सिंह और चंद्र प्रकाश गंगा के इस्तीफे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष संत शर्मा ने सीएम को भेजे थे जिसे तत्काल मंजूर कर लिया गया और उसे एनएन वोहरा के पास भेज दिया गया।


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