
Atal Ji Funeral
नई दिल्ली। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न से सम्मानित अटल बिहारी वाजपेयी जी की अंतिम यात्रा राजधानी दिल्ली में अपने अंतिम चरम में है। भाजपा मुख्यालय से शुरू होकर ये अंतिम यात्रा स्मृति स्थल पर पहुंचने ही वाली है। अटल जी की अंतिम यात्रा में भारी जनसैलाब देखने को मिला है। सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि देश के कोने-कोने से लोग अटल जी की अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए आए हैं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह अंतिम यात्रा में अटल जी के पार्थिव शरीर के साथ पैदल चल रहे हैं।
पीएम मोदी और अमित शाह पैदल गए स्मृति स्थल तक
जैसा की हर कोई जानता है कि अटल जी को ना सिर्फ उनकी पार्टी के बल्कि विरोधी भी बहुत प्यार करते थे। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि उनको अंतिम विदाई देने के लिए पड़ोसी देश भूटान और नेपाल से भी मेहमान आए हैं। इस बीच अटल बिहार वाजपेयी जी को अंतिम विदाई देने में मुस्लिम समुदाय के लोग भी पीछे नहीं रहे। दरअसल, अटल जी की अंतिम यात्रा जब दिल्ली गेट के आसपास से निकल रही थी तो रास्ते में एक मदरसा पड़ा। इस दौरान मदरसे के बाहर भी बड़ी संख्या में मदरसे के बच्चे और मौलाना खड़े नजर आए।
रास्ते में मदरसे के बच्चों और मौलानाओं ने बरसाए फूल
इस दौरान मदरसे के मौलाना और बच्चों ने अटल जी की अंतिम यात्रा पर फूलों की बारिश की। इस दौरान मदरसे के मौलानाओं और बच्चों ने जोर-जोर से नारें भी लगाए, कि जब तक सूरज चांद रहेगा, अटल जी तुम्हारा नाम रहेगा। अटल जी को अंतिम विदाई देने के बाद मदरसे के मौलाना ने कहा कि हम यहां इकट्ठा हुए हैं, क्योंकि अटल जी बहुत अच्छे इंसान थे, हम एक बार उनसे मिले थे तो उन्होंने सिर्फ हिंदू-मुस्लिम एकता पर ही हमसे बात की थी, जो कि बेहद प्रेरतापूर्ण बात थी।
आपको बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी जी का निधन 16 अगस्त को शाम 5 बजे के करीब दिल्ली के एम्स अस्पताल में हुआ था। वो पिछले 2 महीने से अस्पताल में भर्ती थे।
Published on:
17 Aug 2018 03:58 pm
