
अलविदा वाजपेयी: अटल बिहारी की समाधि के लिए मिली डेढ़ एकड़ जमीन, चार बजे होगा अंतिम संस्कार
नई दिल्ली। देश के महान राजनेताओं में से एक और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का अंतिम संस्कार शुक्रवार को चार बजे स्मृति स्थल (राजघाट और विजयघाट के पास) में किया जाएगा। इससे पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बताया था कि शुक्रवार की सुबह नौ बजे अंतिम दर्शन के लिए उनके पार्थिव शरीर को भाजपा मुख्यालय पर लाया जाएगा और एक बजे अंतिम यात्रा शुरू होगी। शाम को चार बजे स्मृति स्थल पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। सबसे बड़ी बात यह है कि केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने स्मृति स्थल पर अटल बिहारी वाजयेपी की समाधि के लिए डेढ़ एकड़ जमीन मुहैया कराई है। आपको बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी ने एम्स में गुरुवार को शाम पांच बजकर पांच मिनट पर अंतिम सांस ली थी। बाते 11 जून से वे खराब सेहत के कारण एम्स में भर्ती थे। एम्स ने बताया था कि बुधवार सुबह वाजपेयी को सांस लेने में तकलीफ हुई थी। इसके बाद उन्हें जरूरी दवाइयां दी गई थीं, लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था।
श्रद्धांजलि देने उमड़े राजनेता
आपको बता दें कि गुरुवार की शाम जब यह खबर आई कि अटल बिहारी वाजपेयी अब हमसबके बीच नहीं रहे। तो पूरे देश में शौक की लहर दौड़ गई। इसके बाद श्रद्धांजलि देने के लिए उनके आवास पर देशभर से राजनेताओं का तांता लगने लगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, रविशंकर प्रसाद, धर्मेंद्र प्रधान, किरन रीजिजू, पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्रा और संघ प्रचारक कृष्ण गोपाल ने श्रद्धांजलि अर्पित की। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपानी, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार, उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देव और असम के राज्यपाल जगदीश मुखी ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं, श्रद्धांजलि देने की कड़ी में यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, अशोक गहलोत, ज्योतिरादित्य सिंधिया, शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
तीन बार रहे देश के प्रधानमंत्री
आपको बता दें कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं जो कि तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने। बता दें कि वाजपेयी ऐसे पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री रहे जिन्होंने पांच वर्ष का अपना कार्यकाल पूरा किया था। जब 2014 में भाजपा की सरकार बनी तो उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि अटल बिहारी वाजपेयी करीब 15 वर्ष पहले ही राजनीति से संन्यास ले चुके थे।
Published on:
17 Aug 2018, 3:52 PM IST
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