
मेवात: अलवर मॉब लिंचिंग मामले पर मुस्लिम समुदाय ने बुलाई महापंचायत, रकबर को इंसाफ दिलाने पर हुई चर्चा
मेवात। हरियाणा के कोलगांव के बाशिंदे की हाल ही में राजस्थान के अलवर में हत्या कर दी गई थी। रविवार को कोलगांव में महापंचायत बुलाई गई। रकबर की हत्या के विरोध और परिवार वालों को न्याय दिलाने के लिए ये महापंचायत को बुलाया गया। सैंकड़ों लोगों ने इस महापंचायत में शिरकत की। कहा जा रहा है कि विभिन्न जगह से मुस्लिम समुदाय के लोग इस महापंचायत में शामिल हुए। राजकीय उच्च विद्यालय में हुई इस महापंचायत में रकबर की हत्या और उसे इंसाफ दिलाने पर चर्चा हुई। पहले पंचायत के लिए गठित 40 सदस्यों की समिति ने दावा किया था कि इस महापंचायत में हरियाणा और राजस्थान से हजारों लोग भाग लेंगे। बता दें कि खान की हत्या पर हरियाणा सरकार ने मुआवजे का ऐलान किया है। हरियाणा सरकार ने 8 लाख रुपए मुआवजे देने की घोषणा की ।
क्या है मामला?
रकबर खान की मौत 22 जुलाई को तडक़े हुई थी। रकबर खान हरियाणा का रहने वाला था। अलवर में रकबर खान गो तस्करी के आरोप में मॉब लिंचिंग के शिकार हुए थे। लोगों ने दौड़ा-दौड़ा कर रकबर और उसके साथियों की पिटाई की थी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया था । लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रकबर के साथी असलम का कहना है कि वह और रकबर मोटरसाइकिल से बड़ौदामेव गाय लेने गए थे। दिन में गायों के बिदकने के कारण वे गाय को लेकर रात को रवाना हुए। इसी दौरान ललावंडी गांव में भीड़ ने दोनों को घेर लिया। भीड़ ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। वह किसी तरह भाग कर अंधेरे में खेत की डोल के पीछे छिप गया। पुलिस रकबर को ले गई। पुलिस और लोगों के जाने के बाद वह वहां से छिपते-छिपाते भागा और सुबह 5 बजे कोलगांव पहुंचा। ये बात भी सामने आई है कि रकबर को अस्पताल ले जाने में पुलिस ने कोताही बरती। पुलिस कोई तीन घंटे बाद रकबर को पास के सरकारी अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रकबर की हत्या संसद में भी गूंजी। मॉब लिंचिंग की घटनाएं विदेशी मीडिया में भी सुर्खियां बनी हैं। दुनिया के प्रमुख अखबारों ने अपने-अपने अंदाज में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है।
Published on:
29 Jul 2018 02:12 pm

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