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नांदेड़ में होला-मोहल्ला के दौरान पुलिस पर 300 लोगों ने किया हमला, 4 सिपाही जख्मी

महाराष्ट्र के नांदेड़ में पुलिस को कोरोना गाइडलाइन के तहत जुलूस रोकना महंगा पड़ा, भीड़ के हमले में चार पुलिसकर्मी घायल
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Dheeraj Sharma

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Updated: 30 Mar 2021, 7:52 AM IST

hola mohalla procession

होला मोहल्ला जुलूस के दौरान हिंसा

नई दिल्ली। महाराष्ट्र ( Maharashtra ) के नांदेड़ ( Nanded )में कोरोना संक्रमण के चलते जुलूस पर पाबंदी पुलिसकर्मियों के लिए परेशानी का कारण बन गई। पुलिसकर्मियों को जुलूस पर रोक भारी पड़ गई। तलवारों से लैस सिखों की भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। इस हमले में कम से कम चार पुलिसकर्मी घायल बताए जा रहे हैं।

दरअसल महाराष्ट्र के नांदेड़ में होला मोहल्ला रोकने पर लोग आक्रोशित हो गए और पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। इस दौरान पुलिस के वाहनों को भी निशाना बनाया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिसबल भी बुलाना पड़ा।

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ये है पूरा मामला
नांदेड़ में सचखंड हजूर साहिब गुरुद्वारे में होली के मौके पर प्रशासन की ओर से एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में होला मोहल्ला का आयोजन कोरोना गाइडलाइंस के हिसाब से करने की सलाह दी गई। हालांकि भीड़ काफी बढ़ गई, ऐसे में गुरुद्वारे के दरवाजे पर ताले लगा दिए गए। इसके चलते कुछ लोग नाराज हो गए।

दोपहर तक तो सारे धार्मिक अनुष्ठान और होली भी शांतिपूर्ण तरीके से खेली गई, लेकिन शाम होते ही बारी होला-मोहल्ला निकालने की आई तो भीड़ गुरुद्वारा परिसर में एकत्र हो गई। इस दौरान कुछ लोगों ने गुरुद्वारे के दरवाजे पर लगे ताले तोड़ दिए और भीड़ सड़कों पर आ गई।

पुलिस को जैसे ही इसकी सूचना मिली वो मौके पर पहुंची और भीड़ को रोकने का प्रयास किया। इससे कई लोग भड़क गए और पुलिसकर्मियों पर करीब 300 लोगों ने हमला बोल दिया।

इस घटना में चार पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। बताया जा रहा है कि उग्र भीड़ ने इस दौरान पुलिस वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया है।

नांदेड़ रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) निसार तंबोली ने बताया, 'महामारी के चलते होला मोहल्ला का जुलूस निकालने की इजाजत नहीं दी गई। गुरुद्वारा कमेटी को सूचित कर दिया गया था और उन्होंने हमें आश्वस्त किया था कि वे हमारे निर्देशों का पालन करेंगे और कार्यक्रम गुरुद्वारे परिसर के अंदर करेंगे।'

हालांकि जब निशान साहिब को शाम 4 बजे द्वार पर लाया गया तो कई लोगों ने बहस शुरू कर दी और 300 से अधिक युवा दरवाजे से बाहर आ गए। बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिसकर्मी पर हमला करना शुरू कर दिया।

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200 के खिलाफ इन धारों में दर्ज हुआ मामला
डीआईजी ने कहा कि कम से कम 200 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 324, 188, 269 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा।