
Gandhi Jayanti 2021: हां, मैंने गांधी जी को देखा है, आजादी से पहले जन्में छत्तीसगढ़ के इन दो शख्स ने साझा की यादें
30 जनवरी का दिन संपूर्ण राष्ट्र ‘शहीद दिवस‘ के रूप में मनाता है। इस दिन 1948 में नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी (Mahatma gandhi) की हत्या कर दी थी। गांधी को पूरा विश्व बापू के नाम से पहचानता है। उनका व्यक्तित्व ही ऐसा था कि उनसे जितना सीखा जाए उतना ही कम है। गांधीजी अपने आदर्शों के आधार पर ऐसे बड़े-बड़े काम किए है जो हिंसा से कभी संभव नहीं हो पाते। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ( Father of the Nation) सत्य और अहिंसा के पुजारी थे। उनके विचार मानवीय मूल्यों को स्थापित करने वाले हैं। गांधीजी ने अपने जीवन में कई सारी बातें ऐसी कही हैं, जो कि जानने और अपने जीवन में उतारने योग्य हैं।
जानिए, गांधीजी के अनमोल वचन
-प्रसन्नता ही एकमात्र ऐसा इत्र है जिसे आप दूसरों को छिड़कते हैं तो कुछ बूंदें आप भी पड़ती हैं।
-आजादी का कोई अर्थ नहीं है यदि इसमें गलतियां करने की आजादी शामिल ना हों।
-आपको मानवता में विश्वास नहीं खोना चाहिए। मानवता सागर के समान है। यदि सागर की कुछ बूंदे गंदी हैं, तो पूरा सागर गंदा नहीं हो जाता है।
-एक विनम्र तरीके से आप दुनिया को हिला सकते हैं।
-थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर हैं।
-व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित प्राणी है। वह जो सोचता है वही बन जाता है।
आदर्शों के कारण कहलाए राष्ट्रपिता
गांधीजी ने अपनी मां के संस्कारों के कारण कभी भी अपने आदर्शों को नहीं छोड़ा। स्कूल की शिक्षा हो, वकालात की पढ़ाई हो या राजनैतिक आंदोलन उनका संघर्ष और नेतृत्व हमेशा सत्य, अहिंसा व शांति के साथ ही जारी रहा। उन्होंने पूरे भारत को भी यही संदेश दिया। 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली में बिड़ला भवन में नाथूराम गोडसे द्वारा गोली मारकर गांधीजी की हत्या कर दी गई। अहिंसा आंदोलन से नेतृत्व करने वाले गांधीजी का जीवन का सफर जब खत्म हुआ तो देशवासियों के मन में गांधीजी को राष्ट्रपिता घोषित करके समाप्त हुआ।
Published on:
30 Jan 2021 10:41 pm
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