
नई दिल्ली। मणिपुर स्थित चूड़ाचांदपुर क्षेत्र में शनिवार सुबह भूकंप का झटका महसूस किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) के अनुसार भूकंप का झटका सुबह 7:01 पर महसूस किया गया। हालांकि अभी तक भूकंप से किसी तरह के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। बताया दें कि जनवरी के शुरुआत में भी म्यंमार-भारत सीमा पर मणिपुर के क्षेत्र में 4.2 की तीव्रता वाला भूकंप आया था। वहीं रिक्टर स्केल के पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.7 मापी गई।
जम्मू एवं कश्मीर में लगे थे भूकंप के हल्के झटके
पिछले दिनों जम्मू एवं कश्मीर के घाटी क्षेत्र में रिक्टर पैमाने पर 3.3 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। हालांकि भूकंप में किसी तरह के जान एवं माल की हानि नहीं हुई थी। आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि भूकंप के झटके अपरान्ह 12.41 बजे महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र राज्य के मध्य में पांच किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया। इसके साथ ही जनवरी में हिंदू कुश क्षेत्र में आए भूकंप के झटके पूरे उत्तर भारत में महसूस किए गए। भूकंप से लोगों के बीच दशहत फैल गई लेकिन इसका केंद्र जमीन के काफी नीचे होने से क्षेत्र में किसी भी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.2 आंकी गई। इस मध्यम स्तर के तीव्रता वाले भूकंप से जान-माल की काफी क्षति होने की संभावना थी, इसका केंद्र जमीन के काफी नीचे होने की वजह से संभावित खतरा हालांकि टल गया। भूकंप अफगानिस्तान-तजाकिस्तान सीमा पर अपराह्न् 12 बजकर 36 मिनट पर आया था और यह कुछ देर रहा। भारतीय मौसम विभाग के भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भकंप के झटके जम्मू एवं कश्मीर, उत्तरी राजस्थान, हरयाणा, पंजाब, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में महसूस किए गए लेकिन भूकंप का केंद्र जमीन के काफी नीचे रहने की वजह से जान-माल की हानि नहीं हुई।
भूकंप का केंद्र जमीन से 190 किलोमीटर नीचे था
भूकंप विज्ञान केंद्र के निदेशक वी.के. गहलोत ने बताया कि भूकंप का केंद्र जमीन से 190 किलोमीटर नीचे था, इसलिए क्षति की संभावना कम हो गई। लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए लेकिन यह क्षति करने के लिए काफी नहीं थे। उन्होंने कहा कि भूकंप का केंद्र जमीन से काफी नीचे रहने की वजह से जब तक भूकंप के झटके और ऊर्जा धरातल तक पहुंचते-पहुंचते कम हो जाते हैं। गहलोत ने बताया कि भूकंप का केंद्र जितना गहरा होता है, लोग इसे उतने बड़े क्षेत्र में महसूस करते हैं, इसलिए भूकंप के झटके व्यापक स्तर पर महसूस किए गए और इस दौरान झटके का असर कम हो गया। उन्होंने बताया कि सौभाग्य से भूकंप के केंद्र वाला क्षेत्र कम आबादी वाला क्षेत्र में था, इस वजह से भी जान-माल की हानि बहुत कम हुई।
Published on:
03 Mar 2018 11:47 am
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