
महिला आईपीएस थोनाउजाम बृंदा को लॉकडाउन तोड़ने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया
नई दिल्ली। मणिपुर ( Manipur ) के मुख्यमंत्री ( Manipur CM ) पर आरोप लगाकर सुर्खियों में आने वाली महिला आईपीएस ( IPS ) अधिकारी थोनाउजम बृंदा ( Thonaujam Brinda )को लॉकडाउन नियमों के उल्लंघन ( Lockdown Rule Violation ) मामले में पुलिस ने हिरासत में लिया। दरअसल राजधानी इंफाल में पुलिस ने 28 जुलाई को बृंदा समेत दो अन्य लोगों को लॉकडाउन के नियमों के उल्लंघन मामले में हिरासत में लिया था।
बृंदा ने आरोप लगाया था कि एक पूर्व बीजेपी पदाधिकारी के खिलाफ जांच में मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने दखल दिया था। बृंदा के इसी आरोप के बाद देशभर में उनकी हिम्मत को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
इंफाल पश्चिम जिले के पुलिस अधीक्षक के मेघचंद्र की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक काकिंग एसपी ने उन्हें सूचित किया कि पुलिस टीम की ओर से एक सफेद वर्ना कार को बाजार के पास काचिंग में चेकिंग के लिए रोका गया था।
इसको लेकर इंफाल पश्चिम के नियंत्रण कक्ष और रात के ड्यूटी अधिकारियों सहित सभी जिला सीमा चौकियों को अलर्ट जारी किया गया था।
पुलिस का सहयोग ना करने का आरोप
पुलिस की रात गश्त टीम ने इंफाल पश्चिम में वाहन को देखा। मेघचंद्र ने बयान में यह भी आरोप लगाया कि वाहनों के कब्जेधारियों ने पुलिस का सहयोग नहीं किया।
वाहन के अंदर तीन लोग थे और उनकी पहचान बाद में अतिरिक्त एसपी थुनाओजम बृंदा, बिष्णुपुर जिले के फायरुम्बम सोनिया और इंफाल के वांगखेई लाईशराम लीकाई के हेद्रोम अनिल सिंह के रूप में की गई।
पुलिस के पूछे जाने पर कार में मौजूद तीन लोगों में से एक सोनिया ने खुलासा किया कि उन्होंने इम्फाल के थोबल, काकिंग और बिष्णुपुर के कुछ स्थानों की यात्रा की। इनमें लगभग आधी रात को थंगजिंग मंदिर भी शामिल है। जहां उन्होंने इम्फाल पश्चिम में वापस जाने से पहले प्रार्थना की।
आपको बता दें कि गृहमंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक नाइट कर्फ्यू में किसी को भी अति आवश्यक कार्य के अलावा बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। ऐसे में आईपीएस समेत तीन लोगों ने इस नियम के साथ लॉकडाउन के अहम नियम का उल्लंघन किया। हालांकि में बाद जुर्माना अदा करने के बाद इन तीनों को छोड़ दिया गया।
Published on:
30 Jul 2020 06:19 pm
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